7.6 C
London
Monday, April 20, 2026
Homeराष्ट्रीयकुवैत अग्निकांड में 40 भारतीयों की मौत, शवों की नहीं हो सकी...

कुवैत अग्निकांड में 40 भारतीयों की मौत, शवों की नहीं हो सकी पहचान, खौफ में केरल और तमिलनाडु के परिवार

Published on

नई दिल्ली,

कुवैत की एक इमारत में बुधवार की सुबह आग लगने से 49 लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए. मरने वालों में 40 भारतीय शामिल हैं. इस घटना में जान गंवाने वाले शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. अग्निकांड में मरने वाले ज्यादातर केरल और तमिलनाडु के लोग हैं. इस हादसे की खबर के बाद दोनों राज्यों के परिवारों में गम का माहौल है. प्रधानमंत्री ने कुवैत में आग की घटना से संबंधित स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की है. PM मोदी ने कुवैत में आग लगने की घटना में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक भारतीय नागरिकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है.

कुवैत अग्निकांड में केरल के कोल्लम जिले के एक परिवार को सूचना मिली है कि उनके परिवार के सदस्य शमीर की कुवैत में अग्निकांड में मौत हो गई है. परिवार ने बताया कि उन्हें कुवैत में बसे अपने रिश्तेदारों से ये मनहूस खबर मिली है. वे आगे की प्रक्रिया के लिए सरकार से बातचीत कर रहे हैं. शमीर कोल्लम जिले के मूल निवासी हैं, वह उमरुद्दीन के बेटे हैं, शमीर पिछले 5 साल से कुवैत में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे. वे करीब 9 महीने पहले छुट्टी पर केरल गए थे.

कुबैत अग्निकांड में केरल के कोट्टायम के पम्पाडी के रहने वाले स्टेफिन अब्राहम सबू (29) की भी मौत हो गई है. स्टेफिन अब्राहम सबू पम्पाडी के सबू फिलिप के बेटे हैं. वह कुवैत में इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे. स्टेफिन की मांग शर्ली सबू और भाई फेबिन (कुवैत) और केविन हैं.

इसके अलावा केरल के कासरगोड के दो निवासी भी कुवैत अग्निकांड का शिकार हुए हैं. थ्रिकारिपुर के मूल निवासी केलू पोनमलेरी NBTC ग्रुप में प्रोडक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. उनकी पत्नी केएन मणि पंचायत कर्मचारी हैं और उनके दो बेटे हैं. वहीं, दूसरे मृतक की पहचान 34 वर्षीय रंजीत के रूप में हुई है, जो पिछले 10 वर्षों से कुवैत में काम कर रहे थे.

पिनाराई विजयन ने एस जयशंकर को लिखा पत्र
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर कुवैत में आग लगने की घटना में केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की है. इस घटना में ज्यादातर मलयाली लोगों की जान गई है. अपने पत्र में विजयन ने कहा कि उन्हें ऐसी खबरें मिली हैं कि कुवैत के मंगाफ में एनबीटीसी कैंप के नाम से जाने जाने वाले एक कैंप में आग लग गई है और केरल के कुछ लोगों सहित कई भारतीयों की जान चली गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.विजयन ने जयशंकर को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कुवैत सरकार से संपर्क करके राहत और बचाव कार्यों का समन्वय करने के लिए भारतीय दूतावास को जरूरी निर्देश दें.’

कुवैत अग्निकांड पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, ‘हम कुवैत अग्निकांड के पीड़ितों के साथ खड़े हैं, हम उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. हमने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक की और कल सुबह हम कुवैत जा रहे हैं. उन्होंने कहा, हम स्थिति और अस्पताल में भर्ती लोगों का जायजा लेंगे. मरने वालों की पहचान का काम चल रहा है. अधिकतर लोग केरल और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों से हैं.’

बिल्डिंग किराए पर ली गई थी
कुवैती मीडिया ने बताया कि निर्माण कंपनी एनबीटीसी समूह ने 195 से अधिक लेबर के रहने के लिए बिल्डिंग किराए पर ली थी, जिनमें से अधिकांश केरल, तमिलनाडु और उत्तरी राज्यों के भारतीय थे. तमिलनाडु सरकार ने कहा कि कुवैत में लगी आग में मारे गए लोगों में तमिल भी शामिल थे या नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है. राज्य सरकार ने एक आधिकारिक संदेश में कहा कि वह पीड़ितों से जानकारी जुटा रही है. इसमें कहा गया है कि अगर घायलों में तमिल शामिल हैं, तो उनके बारे में जानकारी लेना जरूरी है और मेडिकल हेल्प दिया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नॉन रेजिडेंट तमिलों के पुनर्वास के लिए निर्देश दिया है.

हेल्पलाइन नंबर जारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, कमिश्नरेट में भारतीय दूतावास और तमिल संघों के साथ संपर्क करके तमिलों को सहायता देने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इसके अलावा, अधिकारियों ने राज्य सरकार से सहायता लेने के लिए कमिश्नरेट के हेल्पलाइन नंबर +91 1800 309 3793 (भारत के भीतर) और +91 80 6900 9900, +91 80 6900 9901 (विदेश से कॉल के लिए) दिए हैं.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा वक्त में घायलों को कुवैत के 5 सरकारी अस्पतालों (अदन, जाबेर, फरवानिया, मुबारक अल कबीर और जाहरा अस्पताल) में भर्ती कराया गया है और उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल और ध्यान दिया जा रहा है. कुवैत में हमारा दूतावास प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है. दूतावास ने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने के लिए एक हेल्पलाइन +965-65505246 (व्हाट्सएप और नियमित कॉल) जारी किया है.

Latest articles

भोपाल तमिल संगम ने सफलतापूर्वक किया बीटीएस तमिल उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह और भव्य तमिल नव वर्ष समारोह का आयोजन 

भोपाल। मध्य भारत में तमिल समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से...

नारी शक्ति वंदन विधेयक गिरने के विरोध में भाजपा आज निकालेगी आक्रोश रैली

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को...

राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश

वार्ड 68 में 1 करोड़ 37 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और...

भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर बैरसिया भगवामय, जयघोषों के बीच निकली भव्य विशाल बाइक रैली

राजेन्द्र शर्मा बैरसिया। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर रविवार को नगर बैरसिया भगवान...

More like this

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

गेल (इंडिया) ने उप्र और महाराष्ट्र में लगाएगी 700 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का सोलर प्लांट

नई दिल्ली। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 700 मेगावाट सौर...