नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को बड़ी राहत दी है। आतिशी के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले में कार्रवाई पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बीजेपी के एक नेता की ओर से दायर शिकायत पर आतिशी को समन जारी किया था। बीजेपी नेता ने आतिशी पर उनकी मानहानि करने का आरोप लगाया था।
दिल्ली कोर्ट से आतिशी को राहत
विशेष न्यायाधीश ने आतिशी की ओर से दायर एक अर्जी पर आदेश दिया, जिन्होंने मामले में उन्हें समन जारी करने संबंधी मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि यह निर्देश दिया जाता है कि मजिस्ट्रेट अदालत में कार्रवाई अगले आदेश तक स्थगित रखी जाए। दलीलों के लिए अगली तारीख दो दिसंबर 2024 निर्धारित की जाए।
मानहानि केस में कार्रवाई पर लगाई रोक
बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने यह आपराधिक मामला दायर किया था। उन्होंने आतिशी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मौजूदा मुख्यमंत्री आतिशी के एक बयान के जरिए मानहानि करने का आरोप लगाया था। आतिशी ने बयान में कथित तौर पर दावा किया था कि बीजेपी ने केजरीवाल नीत तत्कालीन सरकार को गिराने के लिए आम आदमी पार्टी के कई विधायकों से संपर्क कर पैसे देने की पेशकश की थी।
क्या है पूरा मामला
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 28 मई को मामले में आतिशी को समन जारी किया था। हालांकि, उसने मामले में आरोपी के तौर पर केजरीवाल को तलब करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने बाद में 23 जुलाई को आतिशी को जमानत दे दी थी। आतिशी ने कथित तौर पर दावा किया था कि आप के 21 विधायकों से बीजेपी ने संपर्क किया था और पाला बदलने के लिए उनमें से प्रत्येक को 25 लाख रुपये देने की पेशकश की गई थी। प्रवीण शंकर कपूर ने कहा था कि आप नेता अपने दावे के समर्थन में सबूत पेश करने में नाकाम रहीं।
