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बेतुकी बयानबाजी करके बुरा फंसा कनाडा! भारत ने कनाडाई राजदूत को किया तलब, अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाया

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नई दिल्ली:

भारत ने कनाडा के ताजा आरोपों को बेतुका करारा दिया है। इसी के साथ भारत ने कनाडा के राजदूत को तलब भी किया है। कनाडा ने आरोप लगाया कि इंडियन हाई कमिशनर और अन्य डिप्लोमेट जांज से जुड़े एक मामले में ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ हैं। भारत ने कनाडा के इस डिप्लोमेटिक कम्युनिकेशन को खारिज कर दिया। कनाडा ने ओटावा में भारतीय उच्चायुक्त को सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की कथित हत्या की जांच से जोड़ा था।

विदेश मंत्रालय ने खारिज किया कनाडा का बयान
विदेश मंत्रालय ने सोमवार दोपहर जारी एक बयान में कहा, ‘हमें कल कनाडा से एक डिप्लोमेटिक कम्युनिकेशन प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिक उस देश में जांच से संबंधित मामले में ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ हैं। भारत सरकार इन बेतुके आरोपों को दृढ़ता से खारिज करती है और इन्हें ट्रूडो सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा मानती है, जो वोट बैंक की राजनीति पर केंद्रित है।’

‘भारत को बदनाम करने की रणनीति’
बयान में कहा गया, ‘चूंकि प्रधानमंत्री ट्रूडो ने सितंबर 2023 में कुछ आरोप लगाए थे लेकिन हमारी ओर से कई अनुरोधों के बावजूद, कनाडा सरकार ने भारत सरकार के साथ सबूतों को साझा नहीं किया गया। एक बार फिर से बिना किसी तथ्य के दावे किए गए हैं। इससे कोई संदेह नहीं रह जाता है कि जांच के बहाने राजनीतिक फायदे के लिए भारत को बदनाम करने की एक जानबूझकर अपनाई रणनीति है।’

क्या है पर्सन ऑफ इंटरेस्ट?
बता दें ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ का इस्तेमाल संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में किसी ऐसे व्यक्ति की पहचान करते समय किया जाता है जो संभवतः आपराधिक जांच में शामिल है, लेकिन जिसे गिरफ्तार नहीं किया गया या किसी अपराध का औपचारिक रूप से आरोप नहीं लगाया गया।

कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो पर साधा निशाना
विदेश मंत्रालय ने जस्टिन ट्रूडो की आलोचना करते हुए कहा, ” उनके मंत्रिमंडल में ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जो भारत के संबंध में चरमपंथी और अलगाववादी एजेंडे से खुले तौर पर जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2020 में भारतीय आंतरिक राजनीति में उनके सीधे हस्तक्षेप से पता चला कि वे इस संबंध में किस हद तक जाने को तैयार हैं। उनकी सरकार एक राजनीतिक दल पर निर्भर थी, जिसके नेता भारत के संबंध में खुले तौर पर अलगाववादी विचारधारा का समर्थन करते हैं, जिससे मामला और बिगड़ गया।’

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