नई दिल्ली
पाकिस्तान पिछली चार रातों से लगातार एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान रविवार रात तक ही 11 बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुका है। क्या कल (मंगलवार) दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के अधिकारियों के बीच हॉट लाइन पर बात हो सकती है? क्योंकि आमतौर पर मंगलवार को डीजीएमओ अधिकारियों की बात होती रही है।
भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का पूरी तरह पालन करने के लिए फरवरी 2021 में सहमति बनी थी। वैसे तो 2003 में भारत-पाकिस्तान के बीच सीज फायर अग्रीमेंट हुआ था लेकिन पाकिस्तान ने कुछ समय बाद ही इसका उल्लंघन शुरू कर दिया था। फिर फरवरी 2021 में इसका गंभीरता से पालन करने को लेकर दोनों देशों की आर्मी ने संयुक्त बयान जारी किया, जिसके बाद 24 फरवरी 2021 की रात से ये लागू हुआ और इसका काफी हद का पालन भी हुआ।
2023 में एक बार भी सीजफायर का उल्लंघन नहीं
साल 2022 में पाकिस्तान ने एक बार सीजफायर का उल्लंघन किया। साल 2023 में एक बार भी सीजफायर का उल्लंघन नहीं हुआ। पिछले साल यानी 2024 में पाकिस्तान ने दो बार सीजफायर का उल्लंघन किया। इस साल मार्च आखिर तक पाकिस्तान ने 2 बार सीजफायर का उल्लंघन किया। फिर 1 अप्रैल को सीजफायर का उल्लंघन किया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पिछली चार रातों से पाकिस्तान लगातार सीज फायर का उल्लंघन कर रहा है। इन चार रातों में ही पाकिस्तान ने 11 बार सीजफायर का उल्लंघन किया। इसमें सोमवार रात को हुआ 3 बार का उल्लंघन भी शामिल है। पाकिस्तान ने सोमवार रात को पुंछ और कुपवाड़ा से लगती एलओसी में सीजफायर का उल्लंघन किया।
कब माना जाता है सीजफायर का उल्लंघन
सूत्रों के मुताबिक जब किसी तरफ से 25 राउंड या इससे ज्यादा राउंड स्मॉल आर्म फायर हो या हेवी कैलिबर फायर हो तो उसे सीजफायर का उल्लंघन माना जाता है। एक एरिया पर हुई फायरिंग (25 राउंड या ज्यादा) को एक उल्लंघन के तौर पर देखते हैं। इस तरह अगर एक ही रात में 3 अलग अलग इलाके में फायरिंग हुई हो तो उसे 3 बार सीजफायर का उल्लंघन गिना जाएगा। पिछली चार रातों से पाकिस्तान की तरफ से हो रही फायरिंग में पाकिस्तान आर्मी स्मॉल आर्म का इस्तेमाल कर रही है और भारतीय सेना भी उसे उसी तरह जवाब दे रही है। एलओसी पर अभी किसी भी तरफ से आर्टिलरी फायर नहीं हुआ है और न ही किसी नुकसान की जानकारी है।
