भोपाल
मप्र के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में लिक्विफाइड नेचुरल गैस और कमर्शियल एलपीजी की भारी किल्लत ने उत्पादन व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। एलएनजी की सप्लाई में 20 प्रतिशत की कटौती के चलते फार्मा, इंजीनियरिंग और पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत तक गिर गया है। सबसे गंभीर स्थिति कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर उद्योगों की है, जहाँ सप्लाई ठप होने से भोपाल के गोविंदपुरा और मंडीदीप स्थित फूड प्रोसेसिंग, धातु प्रसंस्करण और फेब्रिकेशन की करीब 500 से 600 इकाइयां बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं।
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मंडीदीप इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास मुंद्रा और देवास के अशोक खंडेलिया के अनुसार, गैस की कमी और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण मशीनें अपनी क्षमता से बेहद कम स्तर पर चल रही हैं। वहीं, गोविंदपुरा इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय गौड़ ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 3-4 दिनों में गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो स्टॉक खत्म होते ही सैकड़ों यूनिट्स में ताले लग जाएंगे, जिससे हजारों श्रमिकों के रोजगार पर भी संकट मंडरा सकता है।
