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चीन को लगने वाली है मिर्ची! अब पैंगोंग झील के करीब बाइक-मोटर से घूमते दिखेंगे भारत के टूरिस्ट

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नई दिल्ली

भारत और चीन के सीमा के पास लद्दाख में स्थित पैंगोंग झील एक बार फिर से सुर्खियों में है। 2020 में हुए यहां भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जिसके बाद से यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई। लेकिन अब टूरिस्ट इस झील के करीब जाकर इसकी खूबसूरती का लुफ्त उठा पाएंगे। अपनी खूबसूरती के कारण प्रसिद्ध यह झील एक आकर्षक पर्यटन स्थल भी है। अब टूरिस्ट पैंगोग झील के आसपास गश्त वाली जगहों के करीब चांग चेनमो सेक्टर में अपने गाड़ियों या बाइक से घूम सकेंगे।

दो चरणों में मिलेगी पर्यटकों को अनुमति
सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में टूरिस्ट को 18,314 फीट ऊंचे मर्सिमिक ला (पास) से त्सोगत्सालो तक जाने की अनुमति दी जाएगी, जो रिमडी चू और चांग चेनमो नदियों के संगम के पास का मैदान है। ये इलाका लेह से लगभग 160 किलोमीटर पूर्व में है। दूसरे चरण में, पर्यटकों को हॉट स्प्रिंग्स तक यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। ये त्सोगत्सालु से आगे है, जहां 21 अक्टूबर, 1959 को मारे गए 10 सीआरपीएफ जवानों के सम्मान में बनाए गए स्मारक को देखने का मौका मिलेगा। यहां 1959 में चीनी सेना ने हमारे जवानों पर हमला किया था।

इन इलाकों पर घूम सकेंगे टूरिस्ट
आमतौर पर भारतीय सेना ऐसी संवेदनशीन जगहों पर लोगों की आवाजाही की अनुमति देने से झिझकती है, लेकिन इस बार टूरिस्ट यहां भी घूम सकेंगे। आर्मी हेडक्वार्टर ने बताया कि भारतीय सेना ने हॉट स्प्रिंग और त्सोग्त्सलो जैसे अन्य स्थानों के अलावा मार्सिमिक ला सहित कई ट्रेक और मार्गों को खोलने का समर्थन किया है।

लंबे वक्त से चल रही थी मांग
गौरतलब है कि लद्दाख प्रशासन सीमा क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए इन पर्यटन स्थल को खोलना चाहता है। लंबे वक्त से स्थानीय स्तर पर इसकी मांग की जा रही थी। लद्दाख के स्थानीय लोग भी इस इलाके में नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि अगस्त 2021 में भारतीयों के लिए इनर लाइन परमिट सिस्टम को खत्म कर दिया गया था, लेकिन एलएसी के विवादित हिस्सों के करीब के इलाकों में बाहर से आने वाले टूरिस्ट की अनुमति नहीं है। हालांकि, इस बार दिसंबर 2022 में शीर्ष प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थानीय सेना के अधिकारियों की दो बैठकों के बाद मंजूरी जल्दी मिल गई। सूत्रों ने कहा कि प्रशासन अप्रैल से क्षेत्रों को खोलने के लिए था, लेकिन स्थानीय गठन में बदलाव की वजह से इसमें देरी हुई।

पर्यटकों के लिए तैयारियां पूरी
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन जनवरी में ही यहां पर्यटकों की सुविधा की तैयारियां पूरी कर चुका है। यहां टूरिस्ट के लिए बाथरूम, सेल्फी प्वाइंट और मेडिकल सेंटर बनाए गए हैं। इलाके में विकास के लिए जिला प्रशासन के साथ सीना सड़क संगठन को भी शामिल किया गया है। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि इलाके में पुलिस चेक पोस्ट बनाने की तैयारी की जा रही है। पर्यटन सचिव काचो महबूब अली खान ने इस महीने की शुरुआत में पर्यटकों को अनुमति देने से पहले हॉट स्प्रिंग्स से आगे गलवान घाटी और अन्य क्षेत्रों का दौरा किया।

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