4.3 C
London
Saturday, March 21, 2026
Homeराष्ट्रीयअंततः काशी, मथुरा मंदिर आंदोलन में कूदा संघ, दिया परोक्ष समर्थन, अपने...

अंततः काशी, मथुरा मंदिर आंदोलन में कूदा संघ, दिया परोक्ष समर्थन, अपने सदस्यों को दी हरी झंडी… RSS को कोई आपत्ति नहीं

Published on

नई दिल्ली :

अयोध्या हमारी अब काशी मथुरा की बारी… अयोध्या-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया। फैसले के बाद मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया। इसके बाद काशी मथुरा की बारी… वाला नारा काफी जोरशोर से सुनने को मिल रहा था। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी विवाद को लेकर आंदोलन तेज हो गया। काशी मथुरा आंदोलन को लेकर संतों की लामबंदी भी लगातार होती रही है। अब इस आंदोलन को संघ की तरफ से परोक्ष समर्थन मिलता दिख रहा है।

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की तरफ से काशी-मथुरा आंदोलन को लेकर अपना रुख साफ कर दिया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने साफ कर दिया है कि अगर संगठन के सदस्य मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी विवाद से संबंधित आंदोलन में भाग लेते हैं तो संगठन को कोई आपत्ति नहीं होगी। हालांकि, होसबाले ने सभी मस्जिदों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर किए जाने वाले पुनर्ग्रहण प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने इस संबंध में सामाजिक कलह से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संघ के बयान का संदेश क्या है?
मंदिर-मस्जिद विवाद के बीच संघ की तरफ से पहले भी कई बयान आते रहे हैं। ये बयान दर्शाते हैं कि संघ भले ही सीधे-सीधे विवाद से खुद को भले ही अलग रखता हो वैचारिक रूप से वह इनको पूरा समर्थन देता है। इस बात का अंदाजा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के केंद्रीय पदाधिकारी डॉ. इंद्रेश कुमार के बयान से लगाया जा सकता है। इस साल जनवरी में इंद्रेश कुमार ने कहा था कि काशी, मथुरा और संभल जैसे विवादित धार्मिक स्थलों को हिंदुओं को सौंप देने चाहिए। उन्होंने साफ कहा था कि धर्म के नाम पर कब्जा और हिंसा इस्लामिक उसूलों के खिलाफ है।

इतना ही नहीं संघ से इतर कई हिंदू संगठन काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी विवाद से लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं। जानकारों का मानना है कि संघ परोक्ष रूप से अन्य संगठनों के जरिये इन मुद्दों को हवा देता है। ऐसे में संघ के राष्ट्रीय महासचिव का संघ कार्यकर्ताओं को आंदोलन से जुड़ने को लेकर अनापत्ति वाला बयान इसी रुख के आगे की कड़ी लगती है। संघ महासचिव के इस बयान के बाद निश्चित रूप से आंदोलन को बल मिलेगा।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के मंदिर-मस्जिद वाले बयान के बाद संघ के कार्यकर्ता बैकफुट पर चले गए थे। अब होसबाले के बयान के बाद संघ के कार्यकर्ताओं पर नैतिक दबाव नहीं रहेगा। अब संघ के कार्यकर्ता राम मंदिर आंदोलन में कारसेवकों की तर्ज पर आंदोलन में खुलकर शामिल हो सकेंगे।

क्या है श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद करीब 300 साल से अधिक पुराना है। मौजूदा समय में यह लड़ाई कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट यहां से मस्जिद को हटाने की मांग कर रहा है। वहीं, शाही ईदगाह मस्जिद की तरफ से प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का हवाला दिया जा रहा है। 2022 में सिविल जज की तरफ से शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वे का आदेश दिया गया था। कहा जाता है कि मथुरा में मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल में श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर मंदिर को तोड़कर शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण किया गया था। बाद में 1951 में मंदिर ट्रस्ट बना और 1958 में श्रीकृष्ण मंदिर बना।

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद क्या है?
साल 2021 में पांच महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में श्रृंगार गौरी और कुछ अन्य देवी-देवताओं के दर्शन और पूजा करने की अनुमति को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका में सर्वे कराने की मांग भी की गई थी। मस्जिद की मैनेजमेंट कमेटी ने तकनीकी पहलुओं का हवाला देते हुए मुद्दे को हाई कोर्ट में चुनौती दी। सर्वे के दौरान वजूखाने में ऐसी आकृतियां मिली जिनके शिवलिंग होने का दावा किया गया। इसके बाद मस्जिद को सील कर दिया गया।

इससे पहले 1991 में भी साधु-संतों की तरफ से एक केस दर्ज कराया गया था। उसमें दावा किया गया था कि मस्जिद जहां बनी है वह जगह काशी विश्वनाथ मंदिर की है। ऐसे में वहां पूजा करने की अनुमति और मस्जिद को हटाकर इसका कब्जा हिंदुओं को सौंपने की मांग की गई थी। 2019 में अयोध्या मंदिर से जुड़े फैसले के लगभग एक महीने बाद वाराणसी कोर्ट में नई याचिका दायर कर सर्वे कराने की मांग की गई। इससे पहले 1936 में भी मस्जिद को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि, उस समय निचली अदालत के साथ ही हाई कोर्ट ने मस्जिद को वक्फ की संपत्ति माना था।

Latest articles

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

नवरात्र के पहले दिन रिकॉर्ड 622 रजिस्ट्रियां, सात करोड़ की आय

भोपाल भोपाल में चैत्र नवरात्र के पहले दिन संपत्ति रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड बना है। एक...

भोपाल में नहीं दिखा ईद का चांद, आज धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

भोपाल भोपाल में गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आया, जिसके चलते अब शुक्रवार...

More like this

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर कार्यमुक्त, अब एनएमडीसी में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

नई दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) में एक...