नई दिल्ली
दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने अंकित सक्सेना हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 50 – 50 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगा है। घटना 2018 में वेस्ट दिल्ली के ख्याला इलाके में 23 वर्षीय युवक की सरेआम हत्या से जुड़ी है। एडिशनल सेशन जज (एएसजे) सुनील कुमार शर्मा ने पिछले साल 23 दिसंबर को मृतक की महिला दोस्त के माता-पिता अकबर अली और शहनाज बेगम और मामा मोहम्मद सलीम को हत्या का दोषी ठहराया था।
दिल्ली लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) ने पहले सक्सेना के संबंध में विक्टिम इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें पता चला कि मृतक के पिता के निधन के बाद परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य उसकी मां हैं। मुआवजे के आकलन के लिए रिपोर्ट अहम होती है।सजा पर बहस के दौरान अभियोजन ने इस अपराध के लिए दोषियों को अधिकतम सजा देने की अदालत से अपील की थी । वहीं, बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने दोषियों को सजा सुनाते हुए नरम रुख अपनाने का सेशन जज से आग्रह किया गया था।
लड़की के परिवार वाले मृतक के साथ उसके प्रेम संबंध के खिलाफ थे। हत्या के बाद इलाके में तनाव पसर गया था। अदालत ने दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 34 ( समान मंशा के साथ कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) के तहत मुजरिम करार दिया था। शहनाज बेगम को, जानबूझकर चोट पहुंचाने के लिए भी दोषी ठहराया गया था ।
