10.4 C
London
Monday, March 30, 2026
Homeराष्ट्रीयचीनी सीमा से कुछ दूर ही भारत-अमेरिका का जबरदस्त युद्धाभ्यास, ड्रैगन के...

चीनी सीमा से कुछ दूर ही भारत-अमेरिका का जबरदस्त युद्धाभ्यास, ड्रैगन के लिए संकेत

Published on

चीन ने बुधवार को कहा कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास का विरोध करता है और यह नई दिल्ली और बीजिंग के बीच हस्ताक्षरित दो सीमा समझौतों की भावना का उल्लंघन करता है।आइए देखते हैं भारत-अमेरिका युद्धाभ्यास की तस्वीरें, जिसने चीन की हालत खराब कर दी है।उत्तराखंड के तपोवन में भारत और अमेरिका की सेना का संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण युद्धाभ्यास जारी है। बुधवार को दोनों देशों के सैनिकों ने पहाड़ी इलाकों में आपदा के दौरान स्थिति को संभालने को लेकर अभ्यास किया।

​’भारत और अमेरिकी सेना के संबंध और मजबूत होंगे’
अमेरिकी सेना के अधिकारी ब्रैडी कैरोल ने कहा कि हम फ्लैश फ्लड और इसी तरह की स्थितियों के बारे में एक संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं। यह भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच रक्षा सहायता मिशन और संबंधों को और मजबूत करने पर केंद्रित है।

​चीन ने दी आपसी विश्वास की दुहाई
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने कहा, ‘चीन-भारत सीमा पर एलएसी के करीब भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 1993 और 1996 में चीन और भारत के बीच हुए समझौते की भावना का उल्लंघन करता है।’ उन्होंने कहा, ‘यह चीन और भारत के बीच आपसी विश्वास को पूरा नहीं करता है।’

​मानवीय सहायता पर फोकस है ट्रेनिंग
कैप्टन डीएस भाटी ने कहा कि संयुक्त अभ्यास के दो सप्ताह हो गए हैं। अब हम पहाड़ी इलाकों में त्रासदियों के दौरान हताहतों की संख्या से निपटने और मानवीय सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

क्‍यों ​यह युद्धाभ्‍यास इतना खास है?
उत्तराखंड के औली में हो रहा यह युद्धाभ्यास इस लिहाज से खास है कि पहली बार भारत और अमेरिकी सैनिक हाई एल्टीट्यूड में युद्धाभ्यास कर रहे हैं। पहली बार भारतीय सेना ने जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज के लिए हाई एल्टीट्यूड में फॉरेन ट्रेनिंग नोड (FTN) बनाया है।

भारतीय सेना के पास है यह खास क्षमता
भारतीय सेना को हाई एल्टीट्यूड में लड़ाई लड़ने का अनुभव है। हाई एल्टीट्यूड में लड़ाई लड़ने, लॉजिस्टिक और मेडिकल की जो क्षमता भारतीय सेना के पास है वह किसी दूसरे देश के पास नहीं हैं।

​’यहां दुश्मन के साथ पहाड़ भी देते हैं चुनौती’
युद्धाभ्यास में शामिल एक अमेरिकी सैनिक ने कहा कि हाई एल्टीट्यूड में एक्सरसाइज का यह मेरा पहला अनुभव है। हाई एल्टीट्यूड के अपनी चुनौतियां हैं क्योंकि यहां दुश्मन के साथ ही माउंटेन भी चुनौती देते हैं।

​जॉइंट एक्सरसाइज युद्धाभ्यास का 18वां संस्करण
एक्सरसाइज कमांडर ब्रिगेडियर पंकज वर्मा ने कहा कि औली में हो रही यह जॉइंट एक्सरसाइज युद्धाभ्यास का 18 वां संस्करण है। इसमें हमने अमेरिकी सेना के साथ इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप की यूएन चार्टर के तहत एक्सरसाइज की। दोनों देशों के सैनिकों ने एक दूसरे की बेस्ट प्रैक्टिस को साझा किया।

​दोनों देशों की सेनाओं ने सीखा काफी कुछ नया
दोनों देशों के सैनिकों ने एक दूसरे से काफी कुछ नया भी सीखा है। इस दौरान कॉम्बेट मेडिकल, कॉम्बेट इंजीनियरिंग, अनआर्म्ड कॉम्बेट, हर किस्म की चीजों को साझा किया गया।

​इन सिचुएशन को ध्यान में रखकर हुआ अभ्यास
युद्धाभ्यास में भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने कई सिचुएशन को ध्यान में रखकर एक्सरसाइज की। इसमें किसी देश में उग्रवादियों ने कब्जा कर लिया है और वह हाई एल्टीट्यूड एरिया में हैं तो उग्रवादियों पर कैसे काबू पाना है? कैसे शांति स्थापित करनी है और बंधकों को छुड़ाना है? यह सब शामिल रहा।

​यूएस आर्मी की 11 एयरबॉर्न डिवीजन ने लिया हिस्सा
युद्धाभ्यास में अमेरिकी सेना की 11 एयरबॉर्न डिवीजन की सेकेंड (2) ब्रिगेड हिस्सा ले रही है। इन अमेरिकी पैरा-ट्रूपर्स को ‘स्पार्टन्स’ (स्पार्टा) के नाम से जाना जाता है।

​पर्वतीय युद्ध कौशल पर सबसे ज्यादा फोकस
भारतीय सेना के मुताबिक, युद्धाभ्यास के दौरान फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज, इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप, फोर्स मल्टीप्लायर्स, निगरानी ग्रिड की स्थापना और संचालन, ऑपरेशन्ल लॉजिस्टिक और पर्वतीय युद्ध कौशल को शामिल किया गया है।

​LAC पर चीन से तनातनी के बीच हो रहा युद्धाभ्यास
भारत और अमेरिका के बीच युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर भारत और चीन के बीच पिछले 30 महीने से तनातनी जारी है।

असम रेजिमेंट की पूरी बटालियन ने लिया हिस्सा
इस साल युद्धाभ्यास में भारतीय सेना की असम रेजीमेंट की एक पूरी बटालियन हिस्सा ले रही है। ये बटालियन फिलहाल सेना की लखनऊ स्थित मध्य कमान (सूर्या कमान) की एक इंडिपेंडेट ब्रिगेड की अधीन है।

Latest articles

सड़क चौड़ीकरण: हटेंगी लेबर कॉलोनी की 55 दुकानें और 38 मकान, विरोध तेज

भोपाल। शहर में इंद्रपुरी-भवानीशाह क्षेत्र की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन द्वारा लेबर...

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

More like this

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...

रामनवमी पर प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन, मंदिरों में विशेष पूजा और भंडारे

भोपाल रामनवमी के पावन अवसर पर मप्र के विभिन्न शहरों में श्रद्धा और उत्साह के...