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INDIA -POK तनाव के बीच MP के 5 शहर बताये जा रहे सेना की बड़ी ताकत ,यहां से मिलता है गोला-बारूद

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INDIA -POK: अरे मेरे देश के ‘शक्तिशाली’ योद्धाओं! भारत और पीओके (POK) के बीच जो तनाव चल रहा है, उसे देखते हुए मध्य प्रदेश के कुछ शहर हमारी सेना के लिए बहुत ‘महत्वपूर्ण’ भूमिका निभा रहे हैं। ये शहर हमारी सैन्य ताकत के ‘आधार’ माने जाते हैं, खासकर गोला-बारूद और दूसरी ज़रूरी सैन्य सामग्री के मामले में। तो चलो, जानते हैं वो 5 शहर कौन से हैं जो हमारी सेना को ‘ताकत’ देते हैं, एकदम देसी अंदाज़ में!

जबलपुर: ‘गोला-बारूद’ का गढ़!

देखो भाई, जबलपुर तो हमारी सेना के लिए ‘खजाने’ जैसा है! यहाँ की खमरिया ऑर्डनेंस फैक्ट्री (Khamaria Ordnance Factory) बहुत बड़ी है और ये हमारी थल सेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) के लिए गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बनाने का ‘मुख्य’ केंद्र है। छोटे कारतूस से लेकर फाइटर प्लेन में इस्तेमाल होने वाले गोले और रॉकेट लॉन्चर जैसे हथियार भी यहीं बनते हैं!

इटारसी: ‘महत्वपूर्ण’ जंक्शन!

इटारसी एक बहुत बड़ा रेलवे जंक्शन (railway junction) है, और ये हमारी सेना के लिए लॉजिस्टिक्स (logistics) के मामले में बहुत ‘अहम’ है। यहाँ से सेना के जवान, हथियार और ज़रूरी सामान देश के अलग-अलग हिस्सों में आसानी से भेजे जा सकते हैं। तनाव के समय में इसकी ‘रणनीतिक’ (strategic) भूमिका और भी बढ़ जाती है।

भोपाल: ‘प्रशासनिक’ केंद्र!

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी है और यहाँ कई महत्वपूर्ण सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठान (establishments) हैं। ये शहर सेना के प्रशासनिक और समन्वय (coordination) कार्यों के लिए एक ‘महत्वपूर्ण’ केंद्र के तौर पर काम करता है।

ग्वालियर: ‘एयरबेस’ की ताकत!

ग्वालियर में भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण एयरबेस (airbase) है। यहाँ लड़ाकू विमानों और दूसरे सैन्य विमानों का रखरखाव और संचालन होता है। पीओके (POK) के पास होने के कारण ये एयरबेस हमारी वायुसेना की ताकत को और भी ‘मज़बूत’ करता है।

सागर: ‘सैन्य प्रशिक्षण’ का केंद्र!

सागर में सेना का एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र (training center) है। यहाँ नए जवानों को ‘कड़ी’ ट्रेनिंग दी जाती है और उन्हें युद्ध के लिए तैयार किया जाता है। तनाव के समय में ये केंद्र और भी ‘सक्रिय’ हो जाता है।

ये पाँच शहर – जबलपुर, इटारसी, भोपाल, ग्वालियर और सागर – भारत की सैन्य ताकत के ‘स्तंभ’ हैं। ये हमारी सेना को ज़रूरी हथियार, लॉजिस्टिक्स और प्रशिक्षित जवान मुहैया कराते हैं, जिससे हम किसी भी ‘दुश्मन’ का मुकाबला करने के लिए हमेशा ‘तैयार’ रहते हैं!

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