11.8 C
London
Friday, March 27, 2026
Homeराष्ट्रीयमंदिर-मस्जिद विवाद पर संघ प्रमुख मोहन भागवत की नसीहत वाली टिप्पणी के...

मंदिर-मस्जिद विवाद पर संघ प्रमुख मोहन भागवत की नसीहत वाली टिप्पणी के पीछे की इनसाइड स्टोरी जान लीजिए

Published on

नई दिल्ली

देश में लगातार अलग-अलग जगहों पर उठते मंदिर-मस्जिद विवाद के बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत ने फिर बोला है। हिंदूवादी नेताओं को फिर नसीहत दी है। नसीहत कि राम मंदिर जैसे मुद्दों को कहीं और न उठाएं। किसी का नाम लिए बिना ये तक कह दिया कि अयोध्या में राम मंदिर बन जाने के बाद कुछ लोग ऐसे मुद्दों को उछालकर खुद को ‘हिंदुओं का नेता’ साबित करने की कोशिश में लगे हैं। संघ प्रमुख दो-ढाई साल पहले भी हिंदूवादी नेताओं को इसी तरह की नसीहत दे चुके हैं। अब फिर ऐसी नसीहत की नौबत क्यों आई? ताजा बयान की इनसाइड स्टोरी जान लीजिए।

संघ प्रमुख ने अब क्या कहा है?
सबसे पहले बात भागवत की ताजा टिप्पणी की कि आखिर संघ प्रमुख ने कहा क्या है। पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान गुरुवार को भागवत ने कहा कि राम मंदिर बनने के बाद कुछ लोगों को लगता है कि बाकी जगहों पर भी इसी तरह का मुद्दा उठाकर वो ‘हिंदुओं के नेता’ बन जाएंगे। ‘विश्वगुरु भारत’ विषय पर भागत ने कहा, ‘राम मंदिर आस्था का विषय था, और हिंदुओं को लगता था कि इसका निर्माण होना चाहिए… नफरत और दुश्मनी के कारण कुछ नए स्थलों के बारे में मुद्दे उठाना अस्वीकार्य है।’

मोहन भागवत ने कहा कि भारत को सभी धर्मों और विचारधाराओं के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उग्रवाद, आक्रामकता, बल प्रयोग और दूसरों के देवताओं का अपमान करना हमारी संस्कृति नहीं है…यहां कोई बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक नहीं है; हम सब एक हैं। इस देश में सभी को अपनी पूजा पद्धति का पालन करना चाहिए, करने देना चाहिए।’

भागवत को क्यों फिर देनी पड़ी नसीहत?
जून 2022 में भी मोहन भागवत ने मंदिर-मस्जिद विवाद से बचने की नसीहत दी थी। तब बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का मुद्दा काफी गरमाया हुआ था। ताज महल को भी मंदिर बताते हुए सर्वे की मांग हो रही थी। संघ प्रमुख ने तब कहा था, ‘हर दिन एक नया मुद्दा नहीं उठाना चाहिए। झगड़े क्यों बढ़ाएं?… हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों ढूंढना?’

अब अगर भागवत को फिर से उसी तरह की नसीहत देनी पड़ी है तो इसकी वजह अलग-अलग जगहों पर नए-नए मंदिर-मस्जिद विवाद का सामने आना है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जब आंदोलन चल रहा था तब सुलह के पक्षधर हिंदूवादी नेताओं की यही मांग हुआ करती थी कि अयोध्या, काशी और मथुरा के विवादित धर्मस्थलों को अगर मुस्लिम पक्ष उन्हें सौंप दे तो हिंदू पक्ष भी बाकी तमाम जगहों पर ‘मंदिर तोड़कर’ बनाई गईं मस्जिदों पर अपना दावा छोड़ देगा। लेकिन सुलह नहीं हो पाई। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या में राम मंदिर बन चुका है। काशी और मथुरा के मामले अदालतों में पेंडिंग हैं लेकिन अब ऐसे मुद्दों की जैसे बाढ़ सी आ गई है। ऐसे मामलों की बाढ़ न आए, इसी को लेकर केंद्र की नरसिम्हा राव सरकार ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट पास किया जिसके मुताबिक, 15 अगस्त 1947 को किसी धर्मस्थल की जो स्थिति थी, वही स्थिति मान्य होगी। उस धर्मस्थल की वही प्रकृति मानी जाएगी।

नई-नई जगहों पर मंदिर-मस्जिद विवाद की बाढ़
हाल के दिनों में कई जगहों पर मंदिर-मस्जिद विवाद सामने आए हैं। यूपी के संभल में कोर्ट के आदेश पर वहां की जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर इतना बवाल हुआ कि सर्वे का विरोध करने वाली भीड़ और पुलिस की झड़प में 5 लोगों की मौत हो गई। संभल के बाद बदायूं, फतेहपुर सिकरी, बरेली जैसे कई जगहों पर मस्जिदों के नीचे मंदिर होने के दावे सामने आए। अदालतों में मामले पहुंचे। इनके अलावा अजमेर शरीफ के हिंदू मंदिर होने का दावा किया जा रहा है। जौनपुर की अटाला मस्जिद को लेकर भी ऐसे ही दावे किए जाते रहे हैं। दलील दी जाती है कि आंक्रांताओं ने अपने-अपने दौर में मंदिरों को तोड़कर उनके ऊपर मस्जिदें बना दी।

सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को नए मामले स्वीकार नहीं करने का दिया है आदेश
मंदिर-मस्जिद विवाद की बढ़ती संख्या और लगातार उछाले जा रहे नए-नए विवादों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने हाल में साफ किया है कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट की वैधता पर उसका फैसला आने तक अब कोई भी अदालत इस तरह के किसी नए मामले की सुनवाई नहीं करेगी। पुराने मामलों में भी कोई प्रभावी आदेश नहीं देगी। दरअसल, प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट की संवैधानिक वैधता को कई याचिकाओं के जरिए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल नई जगहों पर मंदिर-मस्जिद विवाद को खड़ा करने की कोशिशें नाकाम होगी।

सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा
इस तरह के नए-नए मुद्दों के उठने से सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान हो सकता है। इसीलिए संघ प्रमुख को फिर नसीहत देनी पड़ी है कि नई जगहों पर राम मंदिर जैसे मुद्दे न उठाए जाएं।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में रामनवमी शोभायात्रा में हुए शामिल — श्रीराम दरबार की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में आयोजित भव्य रामनवमी शोभायात्रा...

दादाजी धाम मंदिर में अष्टमी पर माँ महागौरी की भव्य महाआरती

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के...

भोपाल: निगम मुख्यालय पर मटका फोड़ प्रदर्शन; पानी के लिए तड़पे हिनोतिया आलम के रहवासी, एक महिला बेहोश

भोपाल राजधानी में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है। गुरुवार...

विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला उपकरणों की कार्यप्रणाली का किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

सांची कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस में बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा प्रयोगशाला...

More like this

दादाजी धाम मंदिर में अष्टमी पर माँ महागौरी की भव्य महाआरती

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के...