नई दिल्ली,
चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत ने पिछले 4 साल में LAC का अहम विकास किया है. इस विकास का नया अध्याय LAC को 4G नेटवर्क से जोड़ना है. लद्दाख के गलवान और डेमचोक समेत LAC के दूरदराज गांव अब भारत की डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन गए हैं. ये क्षेत्र जो लंबे समय से 4G मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित थे, अब ऑनलाइन हो गए हैं.
भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने इस पहल का नेतृत्व किया और टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर इन दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापित किए. शून्य से नीचे तापमान जैसे कठोर हालात का सामना करते हुए पिछले 5 महीनों में 42 एयरटेल 4G टॉवर सफलतापूर्वक स्थापित किए गए.
कश्मीर के करगिल, सियाचिन, दाऊलत बेग ओल्डी (DBO), गलवान और डेमचोक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अब मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जिससे स्थानीय समुदायों और इन रणनीतिक स्थानों पर तैनात सैनिकों को लाभ हो रहा है.
ये पहल इस क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है. कनेक्टिविटी ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और आर्थिक विकास के नए अवसर खोलेगी. जिससे सरकारी योजनाओं तक पहुंच संभव हो सकेगी. इसके साथ ही यह लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाओं को भी जन्म देगी. इससे स्थानीय लोगों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर उत्पन्न होंगे.
