9.7 C
London
Saturday, March 21, 2026
Homeराष्ट्रीयखराब NEET स्‍कोर, कम फीस के चलते गए थे यूक्रेन, भारत में...

खराब NEET स्‍कोर, कम फीस के चलते गए थे यूक्रेन, भारत में नहीं दे सकते दाखिला, केंद्र का SC में जवाब

Published on

नई दिल्‍ली,

यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों का मामला न्‍यायालय में विचाराधीन है. कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए केंद्र ने कहा है कि भारतीय विश्वविद्यालयों में मेडिकल छात्रों को नहीं रखा जा सकता है. छात्र अपने यूक्रेन के कॉलेजों से अप्रूवल लेने के बाद अन्य देशों में ट्रांस्‍फर लेने का विकल्प चुन सकते हैं.

सरकार ने कहा, खराब नीट स्कोर या सस्‍ती कॉलेज फीस के चलते छात्रों ने यूक्रेन में मेडिकल कॉलेजों को चुना है. अगर कम नीट स्कोर वाले छात्रों को समायोजित किया जाएगा तो पहले से पढ़ रहे स्‍टूडेंट्स आपत्ति कर सकते हैं. कम नीट स्‍कोर वाले यूक्रेन से लौटे स्‍टूडेंट्स को भारतीय कॉलेजों में एडमिशन देना देश की मेडिकल शिक्षा के मानक को प्रभावित करेगा.

कोर्ट में दायर किया हलफनामा
सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में केंद्र ने कहा, “यह बाद विनम्रतापूर्वक ध्‍यान में लाना चाहते हैं कि यदि इन छात्रों को (A) खराब मेरिट के बावजूद देश के सबसे प्रतिष्ठिक कॉलेजों में दाखिला दिया गया तो यह उन स्‍टूडेंट्स के साथ अन्‍याय होगा जो कुछ कम नीट स्‍कोर के चलते इन कॉलेजों में एडमिशन नहीं पा सके थे और उन्‍हें कम प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला लेना पड़ा है. (B) प्राइवेट कॉलेजों में दाखिला दिया जाता है तो ऐसे कॉलेजों की फीस यूक्रेन की यूनिवर्सिटीज़ की फीस से कहीं अधिक होगी जिसे छात्र वहन करने में सक्षम नहीं होंगे.”

हलफनामे में केंद्र ने कहा, “कॉमन NEET परीक्षा 2018 से आयोजित की जा रही है और केवल 50 प्रतिशत से अधिक स्‍कोर हासिल करने वाले उम्मीदवार ही भारतीय चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश लेने के पात्र हैं.” केंद्र का कहना है कि छात्र ‘नीट परीक्षा में खराब स्‍कोर’ या सस्‍ती फीस में पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन के विश्वविद्यालयों में गए थे.

बता दें कि युद्ध प्रभावित यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्‍टूडेंट्स को भारतीय यूनिवर्सिटी में एडमिशन देने की मांग पर कोर्ट में सुनवाई जारी है. सरकार इन छात्रों को दूसरे देशों से पढ़ाई पूरी करने की इजाजत देने के पक्ष में है मगर भारतीय कॉलेजों में एडमिशन देने में असहमति जता रही है. सुप्रीम कोर्ट जल्‍द इस मामले में कोई फैसला लेगा.

 

Latest articles

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

नवरात्र के पहले दिन रिकॉर्ड 622 रजिस्ट्रियां, सात करोड़ की आय

भोपाल भोपाल में चैत्र नवरात्र के पहले दिन संपत्ति रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड बना है। एक...

भोपाल में नहीं दिखा ईद का चांद, आज धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

भोपाल भोपाल में गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आया, जिसके चलते अब शुक्रवार...

More like this

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर कार्यमुक्त, अब एनएमडीसी में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

नई दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) में एक...