9 C
London
Tuesday, March 31, 2026
Homeराष्ट्रीयबिलकिस मामले में 11 दोषियों को रिहा करने के अपने ही फैसले...

बिलकिस मामले में 11 दोषियों को रिहा करने के अपने ही फैसले को रिव्यू करेगा SC, जानिए पूरा प्रोसेस

Published on

नई दिल्ली

बिलकिस मामले के 11 दोषियों को रिहा करने के अपने ही फैसले को सुप्रीम कोर्ट रिव्यू करेगा। सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई 13 दिसंबर को करने जा रहा है। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच मामले को देखेगी। इससे पहले आज की सुनवाई के दौरन सीजेआई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि वो बिलकिस की उस याचिका को जल्दी लिस्ट कराएंगे जिसमें उस फैसले को रिव्यू करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा कांड के 11 दोषियों को रिहा करने के लिए गुजरात सरकार की याचिका को अनुमति प्रदान की थी।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने ये बात तब कही जब एडवोकेट शोभा ने बताया कि बिलकिस की रिव्यू पटीशन को अभी तक लिस्ट नहीं किया गया है। उनका कहना था कि इसकी संभावित तारीख 5 दिसंबर बताई गई थी। सीजेआई ने कहा कि उन्हें लगता है कि मामले को लेकर कोई तारीख तय की गई है। वो इस बारे में पता करेंगे। फिर कोर्ट को बताया गया कि 13 को सुनवाई तय की जा चुकी है।

जानें कब रिव्यू का क्या है तरीका
अपने फैसलों पर रिव्यू यानि फिर से विचार करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का एक तरीका है। जिन जजों ने फैसला दिया होता है उनके साथ एक चेंबर में फैसले के पहलुओं पर डिस्कसन होता हैं। बिलकिस बानो ने उस फैसले को चुनौती दी है जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने 11 दोषियों को समय से पहले रिहा करने का निर्णय दिया था। बिलकिस का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले पर फिर से गौर करने की जरूरत है।

बिलकिस के साथ 2002 के गोधरा दंगों के दौरान रेप हुआ था। उसके परिवार के कई सदस्यों की हत्या भी हुई थी। कोर्ट ने 11 लोगों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। लेकिन इसी साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की उस अपील को स्वीकार कर लिया था, जिसमें बिलकिस मामले के 11 दोषियों को अच्छे चाल चलन के आधार पर रिहा करने की अपील की गई थी। सरकार ने 1992 के Remission Rules के तहत ये याचिका दायर की थी।

बिलकिस मामले के दोषियों को गुजरात चुनाव से ऐन पहले रिहा किया गया था। उसे लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने भी बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला था। लेकिन मामला फिर से उस समय सरगर्म हुआ जब बिलकिस ने फैसले के रिव्यू को लेकर याचिका दायर की।

Latest articles

सड़क चौड़ीकरण: हटेंगी लेबर कॉलोनी की 55 दुकानें और 38 मकान, विरोध तेज

भोपाल। शहर में इंद्रपुरी-भवानीशाह क्षेत्र की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन द्वारा लेबर...

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

More like this

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...

रामनवमी पर प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन, मंदिरों में विशेष पूजा और भंडारे

भोपाल रामनवमी के पावन अवसर पर मप्र के विभिन्न शहरों में श्रद्धा और उत्साह के...