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सुप्रीम कोर्ट ने इन JEE एडवांस्ड एस्पिरेंट्स को दी बड़ी राहत, फिर भी दो बार अटेंप्ट का नियम कायम

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नई दिल्ली,

सुप्रीम कोर्ट ने उन छात्रों को राहत दी है, जिन्होंने ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस्ड के प्रयासों की संख्या तीन से घटाकर दो करने के फैसले को चुनौती दी थी. कोर्ट ने कहा कि 5 नवंबर 2024 से 18 नवंबर 2024 के बीच अपने कोर्स छोड़ने वाले याचिकाकर्ता छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने जेईई एडवांस्ड के प्रयासों की संख्या घटाने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.

बोर्ड ने 13 दिन में पलटा था खुद का नियम
दरअसल, बोर्ड ने 5 नवंबर 2024 को प्रेस रिलीज के माध्यम से जेईई एडवांस्ड के लिए प्रयासों की संख्या बढ़ाई थी. जेईई एडवांस्ड में बैठने की सीमा को दो से बढ़ाकर तीन कर दिया गया. इसके कुछ दिन बाद ही 18 नवंबर 2024 को बोर्ड ने एक और प्रेस रिलीज जारी कर अपने फैसले को वापस लेने की सूचना दी. बोर्ड ने जेईई एडवांस्ड अटेंप्ट की लिमिट फिर से तीन से घटाकर दो कर दी. 22 एस्पिरेंट्स ने इसी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर वकील के. परमेश्वर ने पीठ से कहा, “पहले तीन प्रयासों की अनुमति दी गई थी, लेकिन मात्र 13 दिनों के भीतर इसे रद्द कर दिया गया, जो पूरी तरह मनमाना है. 5 नवंबर को यह घोषणा की गई थी कि आप पात्र होंगे, और हमने इस आधार पर फैसले लिए, जो अब वापस नहीं किए जा सकते.”

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से क्या कहा?
संयुक्त प्रवेश बोर्ड (JAB) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया, “यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पाया गया कि नियमित इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र अपनी बी.टेक की पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय जेईई एडवांस्ड परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे. यह निर्णय छात्रों के हित में और एक नीतिगत निर्णय के तहत लिया गया है.”

सुप्रीम कोर्ट का फैसला
न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई के बाद कहा, “5 नवंबर 2024 की प्रेस रिलीज़ में छात्रों से यह वादा किया गया था कि जिन्होंने 2023, 2024 और 2025 में कक्षा 12वीं की परीक्षा दी है, वे जेईई एडवांस्ड में शामिल हो सकते हैं. यदि छात्रों ने इस घोषणा के आधार पर अपने पाठ्यक्रम छोड़ दिए और यह समझा कि वे परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, तो 18 नवंबर 2024 को इस वादे को वापस लेना उनके लिए नुकसानदेह नहीं होना चाहिए.”

कोर्ट ने आगे कहा, “विशेष परिस्थितियों को देखते हुए, और JAB के निर्णय की मेरिट पर कोई टिप्पणी किए बिना, ऐसे छात्रों को परीक्षा के लिए पंजीकरण करने की अनुमति दी जाती है, जिन्होंने 5 नवंबर 2024 और 18 नवंबर 2024 के बीच अपने कोर्स छोड़ दिए.”

जेईई एडवांस्ड अटेंप्ट की लिमिट दो ही रहेगी
इस निर्देश के साथ, याचिका का निपटारा कर दिया गया. पीठ ने कहा, “हम जेईई एडवांस्ड की प्रयास सीमा को दो साल या तीन साल तक सीमित करने के फैसले की वैधता पर सवाल नहीं उठा रहे. यदि JAB ने दो साल की सीमा तय की है, तो इसमें कोई त्रुटि नहीं मानी जा सकती.”

यह आदेश उन छात्रों की याचिका पर दिया गया था, जिन्होंने जेईई एडवांस्ड के प्रयासों की सीमा तीन से घटाकर दो करने के JAB के फैसले को चुनौती दी थी. 5 नवंबर 2024 को JAB ने घोषणा की थी कि जेईई एडवांस्ड के लिए तीन प्रयासों की अनुमति होगी. लेकिन दो हफ्तों के भीतर, 18 नवंबर 2024 को JAB ने अपना निर्णय पलटते हुए कहा कि केवल दो प्रयासों की अनुमति दी जाएगी.

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