नई दिल्ली,
विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखने का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा. पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट ऐसी ही एक याचिका पर केंद्र और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर चुका है. अब सुप्रीम कोर्ट में वकील रोहित खेरीवाल ने विपक्ष की पार्टियों द्वारा अपने संगठन का नाम INDIA रखे जाने को चुनौती देते हुए 24 जुलाई को याचिका दाखिल है. इस पर जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ सोमवार को सुनवाई करेगी. खेरीवाल ने अपनी अर्जी में निर्वाचन आयोग, भारतीय प्रेस परिषद और कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस सहित I.N.D.I.A के सभी विपक्षी दलों को पक्षकार बनाया है.
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता गिरीश उपाध्याय ने अधिवक्ता वैभव सिंह के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि कई राजनीतिक दल हमारे राष्ट्रीय ध्वज को अपने गठबंधन के लोगो के रूप में उपयोग कर रहे हैं. यह नागरिकों की सहानुभूति और वोट हासिल करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए एक और रणनीतिक कदम है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ चुनाव आयोग के अलावा विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, टीएमसी, आरएलडी, जेडीयू, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आम आदमी पार्टी, जेएमएम, एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी), राजद, अपना दल (कामेरावादी), पीडीपी, जेकेएनसी, सीपीआई, सीपीआई (एम), एमडीएमके, कोंगनाडु मक्कल देसिया काची (केएमडीके), विदुथलाई चिरुथिगल काची, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) लिबरेशन, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (मणि), और मनिथानेया मक्कल काची (एमएमके) से जवाब मांगा है.
याचिकाकर्ता ने कहा कि यह चिनगारी राजनीतिक नफरत बढ़ा सकती है. यानी राजनीतिक हिंसा का कारण बन सकती है. दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने गृह मंत्रालय (एमएचए), सूचना और प्रसारण मंत्रालय और भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के माध्यम से केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने मामले की सुनवाई 31 अक्टूबर तय की है.
