10.3 C
London
Monday, April 20, 2026
Homeराष्ट्रीयतलाक वाली सुनवाई पर चीफ जस्टिस ने गदगद होकर जो बात बताई,...

तलाक वाली सुनवाई पर चीफ जस्टिस ने गदगद होकर जो बात बताई, वो आपका दिल भी छू लेगी

Published on

नई दिल्ली

पति-पत्नी के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। पति ने पत्नी के खिलाफ तलाक की अर्जी दाखिल की थी और पत्नी ने अपने पति के खिलाफ गुजारा भत्ता और बच्चों की कस्टडी के लिए केस दाखिल की थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लोक अदालत में आया। चीफ जस्टिस ने इस केस के बारे में मीडिया को बताया कि इस मामले का निपटारा हो गया और दोनों ने कहा कि वो राजी-खुशी साथ रह रहे हैं और एक हैप्पी एंडिग हुई। दोनों ने तय किया कि साथ रहेंगे।

लोक अदालत के सामने जब मामला आया, तब दोनों ने कहा कि वह अपने केस को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और केस वापस लेंगे। दोनों साथ-साथ खुशी से रह रहे हैं। पति ने कहा कि पटियाला हाउस कोर्ट जाकर केस वापस लेंगे और यह भी सवाल किया कि क्या उन्हें दोबारा सुप्रीम कोर्ट आना होगा? तब चीफ जस्टिस ने उन्हें कहा कि अब उन्हें यहां आने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार से लोक अदालत की शुरुआत हुई है और यह शुक्रवार तक चलेगी इसी दौरान यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस दौरान कहा कि जजों को उस बात की संतुष्टि होती है कि जब पक्षकार आपस में किसी मामले में समझौता कर लें। निश्चित तौर पर जज किसी भी कानूनी लड़ाई में मामला सुनते हैं और फैसला देते हैं लेकिन जब पक्षकारों के आपसी समझौते से मामले का निपटारा होता है तो ज्यादा संतुष्टि होती है। सुप्रीम कोर्ट में सात बेंच में लोक अदालत में मामले का निपटारा किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 7 बेंच में स्पेशल लोक अदालत लगाई जा रही है। सोमवार को इसकी शुरुआत हुई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को कहा कि रोजाना दोपहर 2 से 3 बजे तक पहले 7 बेंच में लोकअदालत के मामले की सुनवाई होगी और केसों का निपटारा किया जाएगा।

चीफ जस्टिस ने बताया कि विशेष लोक अदालत सोमवार को शुरू होकर शुक्रवार तक चलेगा। इस दौरान मामले का आपसी समझौते से निपटारा किया जाएगा। अदालत में पेंडेंसी को कम करने के लिए यह पहल की गई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि लोक अदालत पहले सात बेंच में केसों का निपटारा करेगा। अगर वकील के पास ऐसे केस हैं तो वह सीधे लोक अदालत में जा सकते हैं।

इस लोक अदालत के पीछे आइडिया यह है कि छोटे-मोटे विवाद को निपाटाया जा सके। इस दौरान सेवाओं से जुड़े विवाद, जमीन विवाद, वेतन या मजदूरी से जुड़े विवाद, मोटर एक्सिडेंट केस, चेक बाउंस केस और पारिवारिक विवाद आदि का निपटान होगा। इसके लिए प्री लोक अदालत लगाई गई ताकि मामले को लोक अदालत के लिए लाया जा सके। चीफ जस्टिस ने अपने कोर्ट के केस खत्म होने के बाद बाकी लोक अदालत में कार्यवाही का निरीक्षण भी किया।

Latest articles

भोपाल तमिल संगम ने सफलतापूर्वक किया बीटीएस तमिल उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह और भव्य तमिल नव वर्ष समारोह का आयोजन 

भोपाल। मध्य भारत में तमिल समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से...

नारी शक्ति वंदन विधेयक गिरने के विरोध में भाजपा आज निकालेगी आक्रोश रैली

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को...

राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश

वार्ड 68 में 1 करोड़ 37 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और...

भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर बैरसिया भगवामय, जयघोषों के बीच निकली भव्य विशाल बाइक रैली

राजेन्द्र शर्मा बैरसिया। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर रविवार को नगर बैरसिया भगवान...

More like this

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

गेल (इंडिया) ने उप्र और महाराष्ट्र में लगाएगी 700 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का सोलर प्लांट

नई दिल्ली। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 700 मेगावाट सौर...