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इस कुख्यात आदमी के पैर छूककर क्या हासिल हुआ? सुधा मूर्ति के वायरल वीडियो पर हो रहा विवाद

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नई दिल्ली

इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायणमूर्ति की पत्नी और लेखिका सुधा मूर्ति के एक वायरल वीडियो को लेकर विवाद हो गया है। वीडियो को लेकर लोग काफी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। वायरल वीडियो में सुधा मूर्ति दक्षिणपंथी नेता संभाजी भिड़े के पैर छूते नजर आ रही हैं। दरअसल संभाजी भिड़े भीमाकोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी हैं। कुछ समय पहले ही संभाजी भिड़े एक विवाद में फंसे थे। भिड़े ने एक महिला पत्रकार से बातचीत करने से सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया था क्यों उसने बिंदी नहीं लगाई थी। भिड़े ने कथित तौर पर महिला पत्रकार से बात करने से पहले ‘बिंदी’ लगाने और माथे पर बिंदी नहीं लगाकर ‘विधवा की तरह’ नहीं बनने को कहा था।

वरिष्ठ नागरिक के तौर पर दिया सम्मान
मूर्ति से जुड़ा वायरल वीडियो पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली का है। परोकारी कार्यों में सक्रिय रहने वाली सुधा मूर्ति सोमवार को अपनी पुस्तकों के प्रचार कार्यक्रम में पहुंची थीं। सुधा मूर्ति के एक सहयोगी ने कहा कि लेखिका को पता नहीं था कि भिड़े कौन हैं। सुधा मूर्ति ने क वरिष्ठ नागरिक को सम्मान देने के तौर पर उन्हें नमन किया था। सुधा के पैर छूने के वीडियो पर एक सीनियर जर्नलिस्ट ने ट्वीट किया कि इस तरह के कुख्यात व्यक्ति के पैर छूकर क्या हासिल हुआ? आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने ट्वीट किया क‍ि भरोसा कीजिए कि उन्होंने (सुधा) बिंदी लगाई हुई थी। जब सुधा मूर्ति जैसे लोग भिड़े जैसे धर्मांध लोगों से मिलते हैं, तो वे अपना असली रंग दिखाते हैं।

दक्षिणपंथी नेताओं के पैर छूना अपराध है क्या?
वहीं, कुछ एक यूजर @santoshkarchit ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों के पैर छूते हैं। सुधा मूर्ति ने भारतीय संस्कृति का पालन किया है। एक अन्य यूजर @Lalgudiyan ने लिखा कि ओह ! क्या भारत में दक्षिणपंथी नेताओं के पैर छूना अपराध है? यह कानून कब लागू हुआ? वहीं, सांगली में कार्यक्रम की आयोजक मेहता पब्लिकेशन हाउस की एडिटोरियल हेड योजना यादव ने कहा कि सुधा मूर्ति ने किसी से मिलने से इनकार कर दिया था, लेकिन भिड़े के समर्थक बिना किसी निमंत्रण के कार्यक्रम में पहुंचे। ऑडिटोरियाम के बाहर बड़ी संख्या में भिड़े के समर्थकों की मौजूदगी से स्थानीय पुलिस दबाव में आ गई। इसके बाद पुलिस ने हमसे अनुरोध किया कि भिड़े को मूर्ति से मिलने दिया जाए। मूर्ति उस समय पाठकों से बातचीत कर रहे थे।

महिला आयोग ने जारी किया था नोटिस
महाराष्ट्र के हिंदुत्ववादी नेता संभाजी भिड़े ने एक सप्ताह पहले संभाजी भिड़े ने एक महिला पत्रकार के साथ बातचीत करने से सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि उसने बिंदी नहीं लगाई थी। इसके बाद राज्य महिला आयोग ने भिड़े को नोटिस जारी किया था। घटना उस समय हुई थी जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे संभाजी भिड़े से मुलाकात कर बाहर निकले थे। इसी दौरान महिला पत्रकार ने भिड़े से बातचीत करने की कोशिश की थी। संभाजी भिड़े ने अपनी इस बात के पीछे यह तर्क दिया कि हर महिला भारत माता की तरह होती है और भारत माता कभी विधवा नहीं हो सकती। इसलिए हर महिला को बिंदी लगानी चाहिए।

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