15.4 C
London
Saturday, April 18, 2026
Homeराजनीतिदिल्ली जल संकट : अब एलजी की एंट्री, कब तक दूर होगी...

दिल्ली जल संकट : अब एलजी की एंट्री, कब तक दूर होगी पेयजल की किल्लत, समझ लीजिए

Published on

नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रही है। दिल्ली के कई इलाकों में पीने की पानी की भारी किल्लत है। सरकार इलाकों में पानी के टैंकर भेज कर आपूर्ति करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। दिल्ली सरकार इस मुद्दे को लेकर हरियाणा सरकार पर आरोप लगा रही है। जल संकट पर जमकर राजनीति हो रही है, लेकिन इसका खामियाजा केवल दिल्ली की जनता भुगत रही है। इस बीच दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के सक्सेना की भी इस मामले में एंट्री हो चुकी है। उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज से राज निवास में मुलाकात की और जल संकट के हालातों की समीक्षा की। एलजी ने दिल्ली के मंत्रियों को आश्वासन दिया कि वह जल आपूर्ति के मुद्दे को हरियाणा सरकार के सामने उठाएंगे। लेकिन उन्होंने दोनों मंत्रियों को ‘आरोप-प्रत्यारोप’ में शामिल न होने और मुद्दों का सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान करने की सलाह दी।

हरियाणा पर पानी न देने का आरोप
गौरतलब है कि दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार ने बीजेपी शासित हरियाणा पर पिछले कई दिनों से दिल्ली के हिस्से का पानी रोकने का आरोप लगाया है क्योंकि वह भीषण गर्मी के बीच गंभीर जल संकट से गुजर रही है। बैठक के बाद दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने कहा कि उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार से बात करने का आश्वासन दिया है कि राजधानी के हिस्से का 1,050 क्यूसेक पानी मुनक नहर में छोड़ा जाए।

एलजी ने हरियाणा से बात करने का दिया आश्वासन
उपराज्यपाल कार्यालय के एक बयान में कहा गया कि सक्सेना ने मंत्रियों को आश्वासन दिया कि वह जल आपूर्ति का मामला हरियाणा सरकार के साथ उठाएंगे और उनसे मानवीय आधार पर अतिरिक्त पानी छोड़ने का अनुरोध करेंगे। इसमें कहा गया है कि सक्सेना ने मंत्रियों को ‘आरोप-प्रत्यारोप’ से बचने और पानी की बर्बादी रोकने की भी सलाह दी। बयान में कहा गया है, ‘उपराज्यपाल ने मंत्रियों को सलाह दी कि वे व्यर्थ के आरोप-प्रत्यारोप में न पड़ें और पड़ोसी राज्यों के साथ इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करें। उन्होंने इस ओर भी इंगित किया कि यदि हरियाणा अपने आवंटित हिस्से से अधिक अतिरिक्त पानी छोड़ता है, तो जल शोधित करने और इसकी राजधानी वासियों तक आपूर्ति करने के लिहाज से दिल्ली के पास पर्याप्त जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) और क्षमता नहीं है।’

दिल्ली में कहां-कहां पानी की किल्लत?
जल बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक 1 एमजीडी की कमी से शहर में लगभग 21,500 लोग प्रभावित होते हैं। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में या तो पानी की सप्लाई हो ही नहीं रही अगर हो भी रही है, तो जरूरत से काफी कम। इसमें मुनिरका, वसंत कुंज, मीठापुर, किराड़ी, संगम विहार, छतरपुर और बलजीत नगर के कुछ इलाके शामिल हैं। वहीं रोहिणी, बेगमपुर, वसंत कुंज, इंद्र एन्क्लेव, रोहिणी, सराय रोहिल्ला, मानकपुरा, डोलीवालान, प्रभात रोड, रैगरपुरा, बीडनपुरा, देव नगर, बापा नगर, नाइवालान, बलजीत नगर और ईस्ट पटेल नगर में पानी की किल्लत जारी है।

हरियाणा के झूठ का पर्दाफाश उसके ही एफिडेविट से हो गया : आतिशी
दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने कहा है कि दिल्ली को जितना पानी मिलना चाहिए, उतना नहीं मिल रहा है। हरियाणा की तरफ से छोड़ा जा रहा पानी न जाने कहां गायब हो जा रहा है, जो दिल्ली तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब से यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, तब से वजीराबाद बैराज का पानी लगातार नीचे गिर रहा है। जितना पानी हरियाणा सरकार को मुनक कैनाल और वजीराबाद बैराज के लिए छोड़ना चाहिए, वह नहीं छोड़ रही है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि दिल्ली के जितने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं, वह अपनी कैपेसिटी के हिसाब से काम नहीं कर पा रहे हैं और पूरी दिल्ली में जल संकट बना हुआ है।

आतिशी ने फिर साधा हरियाणा सरकार पर निशाना
आतिशी ने आरोप लगाया कि जब हम हरियाणा सरकार से बात करते हैं तो वह कह रहे हैं कि हम तो पानी छोड़ रहे हैं, लेकिन यह पानी रास्ते में कहां गायब हो जाता है। हरियाणा सरकार के झूठ का खुलासा उन्हीं के सुप्रीम कोर्ट में दायर एफिडेविट से हुआ है। हरियाणा सरकार ने हिमाचल प्रदेश से भेजे जा रहे पानी को रास्ता नहीं दिया और हरियाणा सरकार की साजिश यही नहीं रुकी। जो मुनक कैनाल में पानी आता है, अपर यमुना रिवर बोर्ड के फैसले के बाद भी लगातार हरियाणा कम पानी छोड़ रहा है। दिल्ली में चुनाव से पहले चार दिनों तक हरियाणा ने कम पानी छोड़ा है।

Latest articles

चाय पीने के तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक

चाय पीने के तुरंत बाद पानी न पीने की सलाह दी जाती है। इसके...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...