केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में राष्ट्रीय राजमार्ग के रखरखाव से जुड़े एक नए प्लान का खुलासा किया है। राज्यसभा में एक दी गई विस्तृत जानकारी में नितिन गडकरी ने उनके मंत्राललय द्वारा नेशनल हाइवे (NHs) के विकास और रखरखाव के प्रयासों की जानकारी दी। नए हाइवे बनाने और उनके मेन्टनेंस को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी मंत्रालय की है। इन जिम्मेदारियों में एसेसमेंट, रखरखाव और सड़कों की स्थिति में सुधार जैसी चीजें शामिल हैं।
बेहतर रखरखाव सिस्टम के जरिए जवाबदेही सुनिश्चित करना
जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय ने खासतौर पर NH सेक्शन के रखरखाव और मरमम्त के लिए एक तंत्र स्थापित किया है। जिन रास्तों पर अभी काम चल रहा है या जिन्हें ऑपरेशन, मेन्टेनेंस और ट्रांसफर या फिर संचलान और रखरखाव (O&M) के द्वारा मैनेज किया जा रहा है, उनकी जिम्मेदारी संबंधित रियायत पाने वाले या कॉन्ट्रैक्टर्स की होती है जब तक कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) खत्म ना हो जाए।
अन्य दूसरे हाइवे के लिए मेन्टेनेंस को Performance Based Maintenance Contracts (PBMC) या Short Term Maintenance Contracts (STMC) के जरिए मैनेज किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि NH का कोई भी हिस्सा बिना कॉन्ट्रैक्चुअल मैन्टेनेंस के ना छूटे।
एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही सरकार
मंत्रालय ने कई एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, इनमें नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), National Highways & Infrastructure Development Corporation Limited (NHIDCL), Border Roads Organisation (BRO) और राज्य-स्तर पर Public Works Departments (PWDs) व Road Construction Departments (RCDs) शामिल हैं।
ये एजेंसियां कमियों, क्षतियों को दूर करके और बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर एनएच को यातायात-योग्य स्थिति में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।राष्ट्रीय राजमार्गों के डिवेलपमेंट प्रोजेक्ट में जिन चीजों को शामिल किया जाता है, उनमें बारिश, बाढ़ का स्तर, एरिया और मिट्टी जैसी कैटेगिरी शामिल हैं। Detailed Project Reports (DPRs) में जल निकासी प्रणालियों और पुलियों और पुलों जैसी जल निकासी संरचनाओं के प्रभावी डिजाइन और निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए इन फैक्टर्स को शामिल किया गया है।
