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कश्मीर पर ट्रंप के बयान से विपक्षी दल खफा, US राष्ट्रपति ने कहा था- मसला सुलझाने की कोशिश करूंगा

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नई दिल्ली

भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर मसला सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि कोई शख्स ट्रंप को बताए कि कश्मीर का मसला बाइबिल में वर्णित कोई 1000 साल पुराना मसला नहीं है, बल्कि यह 22 अक्टूबर, 1947 को शुरू हुआ था जब पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर पर हमला किया था।

ट्रंप को अपना ‘जनरल नॉलेज’सुधारने की सलाह
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की है। मनोज झा ने भारत सरकार से इस मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराने को कहा है। उन्होंने ANI से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को अपना ‘जनरल नॉलेज’सुधारने की सलाह दी। मनोज झा का कहना है कि ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में ठीक से पता नहीं है। मनोज झा ने कुछ सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “यह तय करने वाले आप (ट्रंप) कौन होते हैं? आपको किसने अधिकार दिया?” मनोज झा ने कहा कि पहले आपको अपनी जानकारी बढ़ानी चाहिए। पाकिस्तान 78 साल पहले बना था, और आप 1,000 साल की बात कर रहे हैं। हमें राजनीतिक खेल का हिस्सा न समझें। हमारी सरकार को इस पर कड़ा विरोध जताना चाहिए।

भारत सरकार के ऐलान से पहले अमेरिका ने सीजफायर की घोषणा की?
मनोज झा ने US के राष्ट्रपति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत को जानकारी देने से पहले ही उन्होंने युद्धविराम की घोषणा कर दी। आरजेडी सांसद ने कहा, “हम पीड़ित थे। हमने सावधानी से जवाब दिया और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी आम नागरिक न मारा जाए। हमने 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, इससे पहले कि हम अपनी आधिकारिक जानकारी दे पाते, अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्धविराम की घोषणा कर दी, जो कि सही नहीं है, यहां तक कि शिमला समझौते के अनुसार भी। सरकार ने इस दावे का खंडन करने की कोशिश की और कहा कि ऐसा कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ है। लेकिन पूरी दुनिया के “सरपंच” द्वारा यह प्रयास हमारे जैसे लोकतांत्रिक देश के लिए उचित नहीं है।”

कांग्रेस ने संसद का एक विशेष सत्र बुलाने की मांग की
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने एक सर्वदलीय बैठक और संसद का एक विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि ये “संवेदनशील मामले” हैं। “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तत्काल एक उच्च स्तरीय सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। इन संवेदनशील मामलों पर संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए ताकि हम सवाल पूछ सकें और सच्चाई जान सकें। क्या हमें यह पता लगाने के लिए वाशिंगटन रेडियो पर ट्यून करने की आवश्यकता है?”

कपिल सिब्बल ने ट्रंप के ट्वीट पर सवाल उठाए
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने ट्रंप के ट्वीट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पोस्ट के बाद “कई सवाल” उठाए जाएंगे और इस मुद्दे के बारे में विपक्ष को कैसे “गलत जानकारी” दी गई। उन्होंने केंद्र सरकार से पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रमों को लेकर एक सर्वदलीय बैठक और एक विशेष संसद सत्र बुलाने की अपील की। कपिल सिब्बल ने कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह वर्तमान समय में होते, तो वे एक सर्वदलीय बैठक और एक विशेष संसद सत्र बुलाते। कपिल सिब्बल ने रविवार को कहा, “मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करना चाहता हूं कि वे तब तक बैठक में शामिल न हों, जब तक सरकार उन्हें आश्वासन नहीं देती कि प्रधानमंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे…मुझे विश्वास है कि अगर डॉ. मनमोहन सिंह आज प्रधानमंत्री होते, तो वे सर्वदलीय बैठक में मौजूद होते और एक विशेष सत्र भी बुलाया जाता।”

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