10.9 C
London
Tuesday, March 31, 2026
Homeराजनीतिराजनाथ सिंह ने पीओके के लोगों की तुलना महाराणा प्रताप के छोटे...

राजनाथ सिंह ने पीओके के लोगों की तुलना महाराणा प्रताप के छोटे भाई शक्ति सिंह से क्यों की? पूरी बात जानिए

Published on

नई दिल्ली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लोग भारतीय परिवार का हिस्सा हैं और वह दिन दूर नहीं जब वे खुद भारत की मुख्यधारा में लौट आएंगे। पाकिस्तान के प्रति भारत के नीतिगत दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के प्रति अपनी रणनीति और प्रतिक्रिया को ‘‘नए सिरे से तैयार और परिभाषित’’ किया है।पाकिस्तान के साथ संभावित वार्ता केवल आतंकवाद और पीओके के मुद्दे पर ही होगी।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के ‘बिजनेस समिट’ में अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पीओके के लोगों को ‘‘अपने’’ परिवार का हिस्सा मानता है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोग हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे जो भाई आज भौगोलिक और राजनीतिक रूप से हमसे अलग हो गए हैं, वे भी अपनी आत्मा की आवाज सुनकर किसी दिन भारत की मुख्यधारा में लौट आएंगे।’’

पीओके के लोग भारत के साथ जुड़ाव महसूस करते हैं
राजनाथ सिंह ने कहा कि पीओके के अधिकतर लोग भारत के साथ ‘‘गहरा जुड़ाव’’ महसूस करते हैं और केवल कुछ ही लोग ‘‘गुमराह’’ हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत हमेशा दिलों को जोड़ने की बात करता है और हमारा मानना है कि प्रेम, एकता और सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए वह दिन दूर नहीं जब हमारा अपना हिस्सा पीओके वापस लौटेगा और कहेगा, मैं भारत हूं, मैं वापस आ गया हूं।’’

महाराणा प्रताप के छोटे भाई से तुलना
रक्षा मंत्री कहा, “मैं मानता हूं कि पाक अधिकृत कश्मीर के लोग हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हम एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें यह पूर्ण विश्वास है कि हमारे वो भाई जो आज हमसे भौगोलिक और राजनीतिक रूप से अलग हैं, वे भी अपने स्वाभिमान, आत्मा की आवाज और स्वेच्छा से भारत की मुख्य धारा में कभी न कभी जरूर लौटेंगे। वहां के अधिकांश लोग भारत के साथ गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं, कुछ गिने-चुने ही हैं, जिन्हें भटकाया गया है। पीओके में रहने वाले हमारे इन भाइयों की स्थिति कुछ ऐसे ही है, जैसे वीर योद्धा महाराणा प्रताप के छोटे भाई शक्ति सिंह की थी। छोटे भाई शक्ति सिंह के अलग हो जाने पर भी बड़े भाई महाराणा प्रताप का विश्वास अपने छोटे भाई के प्रति बना रहता है और वो बड़े विश्वास से कहते हैं- ‘तब कुपंथ को छोड़ सुपथ पर स्वयं चला आएगा। मेरा ही भाई है, मुझसे दूर कहां जाएगा।’”

पाकिस्तान के साथ बातचीत का तरीका बदल दिया
राजनाथ सिंह ने कहा, “हमने पाकिस्तान के साथ बातचीत का तरीका बदल दिया है। अब जब भी बात होगी, सिर्फ आतंकवाद और PoK पर होगी।” रक्षा मंत्री ने आतंकवाद पर भारत की बदलती नीति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने की भारी कीमत चुका रहा है। उन्होंने कहा, “आतंकवाद का धंधा चलाना अब फायदे का सौदा नहीं रहा। आज पाकिस्तान को यह एहसास हो गया है कि उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। हमने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति और प्रतिक्रिया दोनों को फिर से डिजाइन और परिभाषित किया है।” इसका मतलब है कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और सख्त कर दिया है और अब पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

राजनाथ सिंह ने हाल ही में हुए सैन्य अभियान, ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि स्वदेशी रक्षा क्षमताओं ने इसमें अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “शक्ति के साथ संयम भी आता है।”उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में पूरे देश के लोगों ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सफलता को देखा, समझा और महसूस किया है। आज यह साबित हो गया है कि ‘मेक इन इंडिया’ भारत की सुरक्षा और समृद्धि दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। ‘मेक इन इंडिया’ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा है। अगर हमारे पास यह क्षमता नहीं होती, तो भारत की सेनाएं निचले पाकिस्तान से लेकर PoK तक आतंकवाद के खिलाफ इतनी प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम नहीं होतीं।” इसका मतलब है कि भारत में बने हथियारों और उपकरणों ने ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

राजनाथ सिंह ने कहा, “आपने देखा कि कैसे पहले हमने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया और फिर दुश्मन के हवाई अड्डों को। हम और भी बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन शक्ति के साथ संयम भी आना चाहिए। हमने दुनिया के सामने ताकत और समन्वय का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है। हम और भी बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन हमने संयम बरता। आज पाकिस्तान को आतंकवाद का धंधा चलाने की भारी कीमत का एहसास हो गया है।” उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, लेकिन संयम भी बरता।

Latest articles

सड़क चौड़ीकरण: हटेंगी लेबर कॉलोनी की 55 दुकानें और 38 मकान, विरोध तेज

भोपाल। शहर में इंद्रपुरी-भवानीशाह क्षेत्र की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन द्वारा लेबर...

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

More like this

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

राजधानी में गैंगवार की आहट: तीन माह से फरार गैंगस्टर घर पहुँचा तो दुश्मनों ने बरसाईं गोलियां

भोपाल राजधानी के ऐशबाग इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक गैंगस्टर के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में रामनवमी शोभायात्रा में हुए शामिल — श्रीराम दरबार की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में आयोजित भव्य रामनवमी शोभायात्रा...