चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भारतीय टीम ने जीत लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम पर हुए मुकाबले को भारत ने 4 विकेट से जीता। पहले खेलते हुए न्यूजीलैंड ने 7 विकेट पर 251 रन बनाए। भारतीय टीम ने 6 विकेट खोकर 49वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार भारत को आईसीसी इवेंट के फाइनल में जीत मिली है। इससे पहले टीम दो मुकाबले हार चुका है। चलिए हम आपको खिताबी मुकाबले में भारत को मिली जीत के कारण बताते हैं।
स्पिन गेंदबाजों का जाल
न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत की थी। रचिन रविंद्र और विल यंग ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई। लेकिन इसके बाद वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने भारत की वापसी करवाई। स्पिन गेंदबाजों ने मैच में भारत के लिए 38 ओवर में 144 रन देकर 5 विकेट लिए। इसी से कीवी पारी 251 रनों पर रुक पाई।
रोहित शर्मा की तेज शुरुआत
पिच में स्पिन गेंदबाजों के लिए मदद थी। रोहित शर्मा ने शुरुआत में पेसर्स पर अटैक कर दिया। उन्होंने 41 गेंदों पर फिफ्टी बनाई। गिल खुलकर नहीं खेल पा रहे थे लेकिन बैटिंग पावरप्ले में भारत ने 64 रन बनाए। इसकी वजह से जब स्पिनर आए तो विकेट गिरने भी भारत का रन रेट ज्यादा नीचे नहीं गया। रोहित ने 76 रन बनाए।
विलियमसन को नहीं चलने दिया
केन विलियमन न्यूजीलैंड के प्रमुख बल्लेबाज हैं। उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में सेंचुरी लगाई थी। भारत के खिलाफ पिछले मैच में भी अच्छी पारी खेली थी। लेकिन कुलदीप यादव ने उन्हें चलने नहीं दिया। उन्होंने आते ही अच्छे शॉट खेले लेकिन 14 गेंद पर 11 रन बनाकर कुलदीप की गेंद पर उन्हें ही कैच थमा बैठे।
अय्यर और अक्षर की साझेदारी
भारतीय टीम के लिए रोहित और गिल ने 105 रन जोड़े। लेकिन अगले 17 रन बनाने में रोहित, गिल और विराट आउट हो गए। कीवी स्पिनर पूरी तरह हावी हो चुके थे। इसके बाद श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल की जोड़ी टिक गई। दोनों के बीच 75 गेंद पर 61 रनों की साझेदारी हुई। इससे भारतीय टीम ने मैच पर दबदबा बना लिया।
केएल राहुल की सूझबूझ
केएल राहुल 2023 विश्व कप फाइनल में मिली हार के सबसे बड़े विलन माने जाते थे। लेकिन उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में कमाल का खेल दिखाया। फाइनल में भी उन्होंने छठे नंबर पर आकर नाबाद मैच विनिंग पारी खेली। उन्हें स्पिन गेंदबाजों का भी डटकर सामना किया।
