रोसू
रविचंद्रन अश्विन टेस्ट क्रिकेट में पिता-पुत्र की जोड़ी को आउट करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। अश्विन ने साल 2011 में खेले गए अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शिवनारायण चंद्रपॉल को आउट किया था। अब 12 साल बाद अपने 93वें टेस्ट में शिवनारायण चंद्रपॉल के बेटे तेगनारायण चंद्रपॉल का शिकार किया है। 36 साल के ऑफ स्पिनर अश्विन ने 27 वर्षीय तेगनारायण चंद्रपॉल (12) को क्लीन बोल्ड करते हुए पहले टेस्ट के पहले दिन वेस्टइंडीज को पहला झटका दिया। इसी के साथ वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बोल्ड मारने वाले भारतीय गेंदबाज भी बन गए हैं।
इंटरनेशनल क्रिकेट में ये कर चुके कमाल
इयान बॉथम
वसीम अकरम
सिमोन हार्मर
मिचेल स्टार्क
महान बल्लेबाज थे शिवनारायण चंद्रपॉल
भारतीय मूल के शिवनारायण चंद्रपॉल का परिवार कई दशक पहले बतौर बंधुआ मजदूर वेस्टइंडीज गया था। अब वहीं के होकर रह गए। शिवनारायण चंद्रपॉल ने अपने करियर में भात के खिलाफ 25 टेस्ट में 63.85 के धांसू औसत से 2171 रन बनाए थे, जिसमें सात शतक भी शामिल था। अब उनके बेटे तेगनारायण ने अपने छोटे से करियर में काफी दमखम दिखाया है। अपना सातवां टेस्ट खेल रहे तेगनारायण दोहरा शतक भी लगा चुके हैं। उनके नाम 11 पारियों में 453 रन दर्ज हैं, जबकि नाबाद 207 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। यह भारत के खिलाफ उनका पहला मैच था।
लंच तक का खेल खत्म
टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए वेस्टइंडीज ने लंच तक 68 रन पर चार विकेट झटक लिए। अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वेस्टइंडीज के दोनों सलामी बल्लेबाजों तेगनारायण चंद्रपॉल (12) और कप्तान क्रेग ब्रेथवेट (20) को पवेलियन की राह दिखाई। शार्दुल ठाकुर ने रेमंड रीफर (दो) को डेब्यू कर रहे विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच कराया तो वही जडेजा ने लंच के विश्राम से ठीक पहले जर्मेन ब्लैकवुड (14) को आउट किया। पदार्पण कर रहे एलिक अथानजे 13 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
