पेरिस,
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने धांसू प्रदर्शन करते हुए ग्रुप स्टेज में अपना तीसरा मुकाबला जीत लिया है. उसने आयरलैंड को 2-0 से करारी शिकस्त दी. इस मैच में दोनों गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दागे. पूल-B में अब भारतीय टीम का अगला मैच 1 अगस्त को बेल्जियम से होगा. इससे पहले भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 3-2 से हराया था. जबकि अर्जेंटीना के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला था. अब
मैच में कप्तान हरमनप्रीत के अलावा गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने भी शानदार प्रदर्शन किया. पहले दो मैचों में कई गलतियां करने वाली भारतीय टीम ने पूल बी के तीसरे मैच में मंगलवार को हाफटाइम तक आयरलैंड पर पूरा दबाव बनाए रखा. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर पहला और 19वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर दूसरा गोल किया.
पहले मैच में न्यूजीलैंड पर 3-2 से मिली जीत में हरमनप्रीत ने 59वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर विजयी गोल दागा था. वहीं, रियो ओलंपिक चैम्पियन अर्जेंटीना के खिलाफ सोमवार को 59वें मिनट में ही उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके भारत को हार से बचाते हुए मैच 1-1 से ड्रॉ कराया था.
भारत ने पहली बार पहले क्वार्टर में गोल करके बढ़त बनाई
पिछले मैच में औसत प्रदर्शन करने वाले अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह ने आज बेहतरीन खेल दिखाया और कई अच्छे मूव बनाए. भारत ने पहली बार पहले क्वार्टर में गोल करके बढ़त बनाई, जबकि पिछले दो मैचों में पहला गोल विरोधी टीम ने किया था.
इस जीत के बावजूद पेनल्टी कॉर्नर गंवाने की भारत की कमजोरी तीसरे क्वार्टर में फिर उजागर हुई. पहले दो मैचों में 13 पेनल्टी कॉर्नर गंवाने वाली भारतीय टीम ने हाफटाइम तक एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं गंवाया, लेकिन तीसरे क्वार्टर में 8 पेनल्टी कॉर्नर गंवाये जिसने गोलकीपर श्रीजेश को व्यस्त रखा.
आयरलैंड को इस मैच में 10 और भारत को 9 पेनल्टी कॉर्नर और एक स्ट्रोक मिला. अगले दोनों मैच भारत को मौजूदा चैम्पियन बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीमों से खेलने हैं और उससे पहले कोच फुल्टोन को इस कमजोर कड़ी को कसना होगा. पिछले साल भारतीय टीम से जुड़े फुल्टोन आयरलैंड टीम के पूर्व कोच रहे हैं.इसके अलावा 19वें मिनट के बाद भारतीय टीम भी कोई गोल नहीं कर सकी. पेनल्टी कॉर्नर और फील्ड गोल नहीं कर पाने का खामियाजा आगे कठिन मैचों में भुगतना पड़ सकता है.
टीम को दूसरे ही मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला
भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की और दूसरे ही मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला, हालांकि हरमनप्रीत इसे गोल में नहीं बदल सके. पहले क्वार्टर में ही 11वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे गोल में बदलने में हरमनप्रीत ने चूक नहीं की. पहले क्वार्टर में आयरलैंड की टीम भारतीय गोल पर हमले बोलने में नाकाम रही.दूसरे क्वार्टर के दूसरे ही मिनट में भारत बढ़त दुगुनी करने के करीब पहुंचा जब ललित उपाध्याय दाहिनी ओर से गेंद लेकर आगे बढ़े, लेकिन गोल के सामने उनकी पोजिशन सही नहीं होने से शॉट बार से टकराकर निकल गया.
भारत को अगले ही मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले और चौथे को हरमनप्रीत ने गोल में बदला जो इस ओलंपिक में उनका चौथा गोल था. हाफटाइम से चार मिनट पहले भारतीय टीम फिर गोल करने के करीब पहुंची, लेकिन फॉरवर्ड पंक्ति तालमेल नहीं बिठा सकी और मौका निकल गया.
ब्रेक के बाद आयरलैंड की टीम ने आक्रामक शुरुआत की और तीसरे क्वार्टर में लगातार भारतीय सर्कल में प्रवेश किया. पेनल्टी कॉर्नर गंवाने की भारत की कमजोरी एक बार फिर भारी पड़ सकती थी अगर गोलकीपर श्रीजेश मुस्तैद नहीं होते. आयरलैंड को तीसरे क्वार्टर में आठ पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन कामयाबी नहीं मिली.
