केपटाउन
मेरी ताकत ही मेरा धर्म है… ऐसा कहना है साउथ अफ्रीका के स्टार स्पिनर केशव महाराज का। दाहिने हाथ में ‘ओम नम: शिवाय’ लिखा तांबे का कड़ा पहनने वाले केशव अयोध्या जाकर राम लला का दर्शन करना चाहते हैं। केशव महाराज का मानना है कि धर्म और अध्यात्म कठिन हालात में उनकी ताकत है। केशव मैदान पर भी कभी अपनी आस्था की अभिव्यक्ति से परहेज नहीं करते हैं और मैदान में उतरने पर डीजे से ‘राम सियाराम’ बजाने को कहते हैं। भारत में वनडे विश्व कप के दौरान नीदरलैंड के खिलाफ मैच में उनके बल्ले पर ‘ओम’ का स्टिकर लगा था और पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई में मैच जीतने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में जीत पर खुशी जाहिर करने वाले संदेश के अंत में लिखा ‘ जय श्री हनुमान ’।
भारत के खिलाफ अपनी सरजमी पर हाल ही में टेस्ट सीरीज के दौरान मैदान पर उतरते समय उन्होंने डीजे से ‘राम सियाराम’ बजाने के लिए कहा था और यह वीडियो काफी वायरल हुआ। भारतीय मूल के केशव ने ‘एसए 20 फाइनल’ से पहले एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं काफी धार्मिक और अध्यात्म में रूचि रखने वाले परिवार से हूं। धर्म और अध्यात्म मुझ पर थोपे नहीं गए लेकिन मैं महसूस करता हूं कि कठिन हालात में यह मुझे मार्गदर्शन और एक दृष्टिकोण देते हैं। मैं अपनी आस्था से काफी जुड़ा हुआ हूं।’
केशव के परदादा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से थे जो 1874 में मजदूरी के लिये डरबन आए थे। केशव ने कहा, ‘मैं घर पर सारे त्योहार मनाता हूं और सभी को संदेश देता हूं कि जीवन में कोई ना कोई आस्था जरूर होनी चाहिए।’ अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से वह इतने उत्साहित थे कि उसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया था।
उन्होंने कहा, ‘मैं भगवान राम का अनन्य भक्त हूं और वह खास दिन था। इतने बड़े पैमाने पर ऐसा कुछ होना बहुत विशेष था। दुनिया में हर जगह ऐसा नहीं होता और मुझे खुशी है कि यह हुआ।’ एसए 20 में डरबन सुपर जाइंट्स के कप्तान ने कहा, ‘मैं जब भी भारत आया और समय रहा तो अयोध्या जरूर जाना चाहूंगा।’ क्रिकेट के बारे में बातचीत में उन्होंने कहा कि खेल के विकास और प्रचार के लिए टी20 क्रिकेट जरूरी है।
