Rohit Sharma-Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभ रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) जब भी मैदान पर उतरते हैं, तो रिकॉर्ड्स की झड़ी लग जाती है। लेकिन पिछले कुछ समय में इन दोनों दिग्गजों ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल को ‘अलविदा’ कहकर करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया था। जहां एक तरफ फैंस इन्हें हर फॉर्मेट में खेलते देखना चाहते थे, वहीं अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रियांक पांचाल (Priyank Panchal) के एक बयान ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। पांचाल का मानना है कि रोहित और विराट का दो फॉर्मेट से संन्यास लेना टीम इंडिया और खासकर वनडे क्रिकेट के लिए ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हुआ है।
प्रियांक पांचाल ने बताया क्यों जरूरी था यह फैसला
घरेलू क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी प्रियांक पांचाल ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी बात कही है जो शायद कई फैंस को चुभ सकती है, लेकिन इसमें गहराई है। उन्होंने कहा, “यह बहुत अच्छा हुआ कि विराट कोहली और रोहित शर्मा ने दो फॉर्मेट से संन्यास ले लिया; वनडे क्रिकेट के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता था।” पांचाल का तर्क है कि एक समय ऐसा लग रहा था कि 50 ओवर का गेम दम तोड़ रहा है, लेकिन अब चूंकि भारत के दो सबसे बड़े खिलाड़ी केवल इसी फॉर्मेट पर फोकस कर रहे हैं, तो वनडे क्रिकेट में एक नई ऊर्जा और जान आ गई है।
वर्ल्ड कप जीत के बाद शुरू हुआ संन्यास का दौर
रोहित और विराट ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ट्रॉफी जीतने के बाद सबसे छोटे फॉर्मेट को विदाई दी थी। उन्होंने अपने टी20 करियर का अंत एक ऐतिहासिक जीत के साथ किया। इसके बाद फैंस को झटका तब लगा जब इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले दोनों ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से भी दूरी बना ली। अब ये दोनों सुपरस्टार केवल नीली जर्सी में 50 ओवर के मैचों में ही नजर आते हैं। इनका पूरा फोकस अब आईसीसी की अगली चैंपियंस ट्रॉफी और वर्ल्ड कप पर टिका है, जिसके लिए ये अपनी पूरी जान झोंक रहे हैं।
थकान कम हुई तो बल्ले से निकलने लगी ‘आग’
प्रियांक पांचाल की बात में दम इसलिए भी नजर आता है क्योंकि जब से इन दोनों ने अपना वर्कलोड कम किया है, इनकी फॉर्म सातवें आसमान पर पहुंच गई है। रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में 202 रन कूट डाले और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने। वहीं विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक जड़कर यह साबित कर दिया कि ‘किंग’ अभी बूढ़ा नहीं हुआ है। विजय हजारे ट्रॉफी में भी इन दोनों का बल्ला जमकर गरजा है, जो यह बताता है कि फोकस केवल एक जगह होने से नतीजे बेहतर आ रहे हैं।
दिग्गजों की मौजूदगी ने फिर से बढ़ाया फैंस का क्रेज
पिछले कुछ सालों में टी20 लीग्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण वनडे क्रिकेट की प्रासंगिकता पर सवाल उठ रहे थे। कई एक्सपर्ट्स का मानना था कि 50 ओवर का मैच अब बोरिंग होता जा रहा है। लेकिन जब रोहित और विराट जैसे कद के खिलाड़ी केवल वनडे खेलेंगे, तो ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर्स और फैंस की दिलचस्पी इस फॉर्मेट में बनी रहेगी। पांचाल के मुताबिक, इन दोनों की मौजूदगी ने वनडे क्रिकेट को ‘वेंटिलेटर’ से बाहर निकालकर फिर से मुख्यधारा में खड़ा कर दिया है।
लंबे करियर के लिए संन्यास लेना था मास्टरस्ट्रोक
फैंस भले ही सोशल मीडिया पर शिकायत करें कि उन्हें ‘हिटमैन’ और ‘किंग’ को सफेद कपड़ों (टेस्ट) में देखना है, लेकिन हकीकत यह है कि बढ़ती उम्र के साथ तीनों फॉर्मेट खेलना नामुमकिन होता जा रहा था। अगर रोहित-विराट टेस्ट और टी20 भी खेलते रहते, तो शायद थकान और चोट की वजह से वे वनडे भी नहीं खेल पाते। अब चूंकि वे केवल वनडे खेल रहे हैं, वे अपनी फिटनेस को बेहतर मैनेज कर पा रहे हैं। यही वजह है कि वे मैदान पर पहले से ज्यादा ‘शार्प’ और फुर्तीले नजर आ रहे हैं, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है।
