दुनियाभर में प्रयागराज में लगा महाकुंभ मेला छा गया है। देश से लेकर विदेश तक हर कोई यहां घूमने के लिए और गंगा में डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहा है। लेकिन मेले के कारण प्रयागराज और अयोध्या के लिए चलाई गई हवाई यात्रा लोगों के होश उड़ा रही है। हैदराबाद से प्रयागराज और अयोध्या जाने वाले यात्रियों को अब विदेश जाने से भी ज्यादा यहां के लिए फ्लाइट टिकट लेनी पड़ रही है। जहां सिंगापुर, बैंकॉक, मलेशिया, श्रीलंका और यूएई जैसे इंटरनेशनल प्लेसेस के लिए टिकट 15000 रुपए से कम में मिल जाएगी, वहीं प्रयागराज और अयोध्या के लिए एयरलाइन टिकट 24,000 रुपए से लेकर 30,000 रुपए तक वसूल किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है, ये किराया जनवरी के बाकि दिनों पर फरवरी के पहले हफ्ते तक जारी रह सकता है।
हवाई किराया चार गुना महंगा
जनवरी के आखिरी तक, हैदराबाद से अयोध्या और प्रयागराज जाने का किराया 24,000 से 30,000 रुपए तक पहुंच चुका है। फरवरी से पहले हफ्ते में भी किराया 19,000 से 21,000 रुपए तक रहने की उम्मीद है। जबकि हैदराबाद से बैंकॉक के लिए किराया मात्र 12,500 रुपए और कुआलालंपुर के लिए 15 हजार रुपए के करीब है। वहीं, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई के लिए भी किराए 10,000 से 20,000 रुपए के बीच है।
शाही स्नान की वजह से हो रही है भारी भीड़
29 जनवरी को आयोजित होने वाले दूसरे शाही स्नान की वजह से यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि देखने को मिली है। एयरलाइंस की सीमित सीटों की वजह से भी किराए को बढ़ाने का काम किया गया है। ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एपी और तेलंगाना) के अध्यक्ष अब्दुल मजीद फहीम का कहना है कि ‘तीर्थयात्री अपने सफर के लिए कैसी भी कीमत चुकाने को तैयार हैं। ये भीड़ फरवरी के आखिरी तक रहेगी।’’
रहने का खर्चा भी बढ़ा
प्रयागराज में रुकने के लिए लोग प्रति रात 15,000 से 20,000 रुपए तक खर्च कर रहे हैं। ट्रेवल एजेंट्स का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से टिकट कीमत पता होने के बाद भी सैकड़ों तीर्थयात्रियों ने टिकट बुक करवाई हैं। कई लोग का कहना है कि वो शाही स्नान के लिए योजना बना रहे थे, लेकिन 30 हजार रुपए टिकट देख उनका बजट हिल गया है।
समाधान की है जरूरत
कुंभ मेले के समय यात्रियों को राहत देने के लिए एयरलाइंस को अपनी फ्लाइट की संख्या बढ़ानी चाहिए और किराए को संतुलित करना होगा। इस महंगे सफर की वजह से श्रद्धालुओं के लिए कठनाइयां भी बड़ी है, लेकिन तीर्थयात्री आस्था के आगे ऐसी मुश्किलें पार करने को तैयार हैं।
