मोतिहारी
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के लखौरा थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस की वर्दी में घूम रहे छह युवकों को स्थानीय लोगों ने संदिग्ध मानते हुए पुलिस को सूचना दी। युवकों के साथ में ‘एके-47, राइफल’ जैसे हथिठार थे। जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले पर थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि ये सभी युवक यूट्यूब वीडियो शूट करने के मकसद से पुलिस की वर्दी पहनकर सरसौला स्कूल के पास घूम रहे थे।
फिल्मी स्टाइल में वीडियो बना रहे थे आरोपी
सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की तो मौके से अंदल कुमार, अमन कुमार, सुमन कुमार, संजय कुमार, मोहम्मद अफरोज और अमरनाथ कुमार को हिरासत में ले लिया गया। उनके पास से दो प्लास्टिक की AK-47, एक लकड़ी की बंदूक, पुलिस की टोपी, ‘सिंघम’ नाम की नेम प्लेट और एक कैमरा बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन सामग्रियों का इस्तेमाल कर यूट्यूब के लिए वीडियो बना रहे थे, जिससे पैसा कमाने की योजना थी।
कानून तोड़कर बना रहे थे कंटेंट
थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए शुक्रवार, 16 मई 2025 को उन्हें मोतिहारी सेंट्रल जेल भेज दिया है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी उनके पास कैसे पहुंची। पुलिस की वर्दी पहनकर और नकली हथियारों से वीडियो बनाना एक दंडनीय अपराध है।
सोशल मीडिया की सनक ने युवाओं को बनाया अपराधी
यह घटना सोशल मीडिया और खासकर यूट्यूब से पैसा कमाने की होड़ में कानून को ताक पर रखने की प्रवृत्ति को उजागर करती है। रील्स और वीडियो कंटेंट बनाने का बढ़ता चलन युवाओं को सनक की ओर धकेल रहा है, जहां वे लाइक और व्यूज के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
