कोटा
कोटा थर्मल पावर प्लांट के कोल हैंडलिंग क्रेशर में रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ। एक ठेका श्रमिक बेल्ट में गिरा, जो कोयले के साथ 30 से 40 फीट ऊंचे बंकर तक पहुंच गया। श्रमिक के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। मौके पर ही मौत हो गई। बंकर से मांस के लौथड़े निकले, लेकिन सिर नहीं मिला। इधर, हादसे से आक्रोशित ठेका श्रमिक काम छोड़कर बाहर आ गए। कोल हैंडलिंग पूरी तरह बंद हो गई। नौबत थर्मल की सभी 7 इकाइयां बंद होने तक आ गई।
हालांकि चीफ इंजीनियर व अन्य अधिकारियों की समझाइश के बाद शाम को सभी काम पर लौट आए थे। हादसे के बाद सभी 350 ठेकाकर्मी काम छोड़कर बाहर आ गए थे। इनके बाहर आने से सारा काम ठप्प पड़ गया। शाम तक इन्हें काम पर वापस आने के लिए मनाया गया। मृतक के रिश्तेदार महावीर ने बताया कि हादसा लापरवाही की वजह से हुआ है। इसका उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। हेमराज के बेटा और बेटी है। दोनों छोटे हैं।
16 लाख और पत्नी को नौकरी देने पर सहमति
इधर, गोस्वामी समाज के अध्यक्ष हंसराज गोस्वामी ने कहा कि हादसे की जानकारी मिलने पर समाज के लोग थर्मल प्लांट पहुंचे। चीफ इंजीनियर, सीआई व अन्य लोगों की उपस्थिति में बैठक हुई थी। इसमें परिवार को 16 लाख रुपए, पीएफ के करीब 6 लाख रुपए व पत्नी को ठेकेदार के पास नौकरी दिलाने पर सहमति बनी। इसके बाद सभी ठेका श्रमिक काम पर लौटे।
पांव फिसलने से बेल्ट में लिपटा मजदूर
कुन्हाड़ी पुलिस थाने के सीआई अरविंद भारद्वाज ने कहा कि सकतपुरा निवासी हेमराज गोस्वामी थर्मल पावर हाउस में 15 साल से ठेकेदार के पास मजदूरी कर रहा था। क्रेशर के पास रविवार सुबह काम करते समय पांव फिसलने से बेल्ट में लिपट गया। इसके साथ वह कोयले की तरह ऊपर बंकर तक चला गया। श्रमिकों को पता चला और सिस्टम रुकवाया तब तक शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए थे।
कारण क्या रहे, जांच करवा रहे हैं
थर्मल के चीफ इंजीनियर केएल मीणा ने बताया कि वह स्वयं क्रेशर और बंकर तक मौका मुआयना करने गया। वहां जाने पर कोई ऐसी बात समझ में नहीं आई कि हादसा कैसे हुआ। उसके जूते व हेलमेट क्रेशर के पास मिले है। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। मामले की जांच करवाएंगे। तब आगे की कार्रवाई होगी।
