चंडीगढ़/दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे 15 भारतीय नागरिक आज रात दिल्ली पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि वह इन लोगों को रिसीव करने के लिए खुद दिल्ली जा रहे हैं। डिपोर्ट किए गए इन लोगों में 11 पंजाबी (एक महिला सहित), 2 तेलंगाना, 1 हरियाणा और 1 उत्तराखंड के रहने वाले हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि सरकार इन लोगों के साथ खड़ी है और उनके पुनर्वास के लिए हर संभव मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि डिपोर्ट होकर आ रहे ये लोग हमारे अपने हैं। इनमें से कई शायद किसी एजेंट के झांसे में आ गए होंगे या किसी मजबूरी में विदेश गए होंगे। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि सरकार इस मामले की तह तक जाएगी। इन लोगों से पूरी जानकारी हासिल की जाएगी कि इनके कागजात किसने तैयार किए और किस एजेंट ने इन्हें विदेश भेजा था। जरूरत पड़ने पर पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर विदेश मंत्रालय से भी संपर्क करेगी। सीएम ने भावुक होते हुए कहा कि हर कोई अपनी आंखों में बड़े सपने लेकर विदेश जाता है, लेकिन डिपोर्टेशन का दुख बहुत बड़ा होता है। उन्होंने कहा, “अगर बच्चा कोई गलती करता है, तो उसे घर से बाहर नहीं निकाला जाता, बल्कि समझाया जाता है। ये हमारे ही बेटे हैं, शायद किसी बात पर नाराज होकर गए थे, लेकिन अब अपने घर लौट रहे हैं।”
सरकार इन्हें जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी। भगवंत मान ने यह भी स्वीकार किया कि डिपोर्ट किए गए कुछ लोगों पर ऑस्ट्रेलिया में आपराधिक मामले भी दर्ज हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि यदि कोई दूसरे देश में जाकर वहां के नियमों और कानून को तोड़ेगा, तो वहां की सरकार कार्रवाई करेगी ही। उन्होंने अपील की कि लोग वैध तरीके से विदेश जाएं और वहां के नियमों का सम्मान करें। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने कि पंजाब के युवाओं को मजबूरी में बाहर जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब के भीतर ही रोजगार के इतने अवसर पैदा करने में जुटी है कि युवाओं को परदेस जाने की जरूरत न रहे।
