पटियाला। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पटियाला पहुँचकर पीआरटीसी (PRTC) के बेड़े में 250 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और शिरोमणि अकाली दल व कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए। उनके निशाने पर मुख्य रूप से सुखबीर सिंह बादल रहे, जिन्हें उन्होंने ‘जनता की भावनाओं से अनभिज्ञ’ करार दिया।
1500 रुपये की टिप बनाम गरीब का चूल्हा
महिलाओं को दी जाने वाली वित्तीय सहायता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सीएम मान ने कहा, “विपक्षी नेता पूछते हैं कि 1500 रुपये में क्या होता है? उनके लिए यह रकम शायद एक वेटर को दी जाने वाली टिप या उनके एक वक्त के डिनर के बिल के बराबर होगी, क्योंकि उनके पास लूटा हुआ माल है। लेकिन एक आम परिवार से पूछिए, जहाँ दो महिलाओं को मिलाकर 3000 रुपये मिलते हैं, उससे पूरे महीने का घर चल जाता है।” उन्होंने घोषणा की कि एससी और बीसी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये देने का फैसला लिया गया है।
बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत: फिंगरप्रिंट की अनिवार्यता खत्म
पेंशन धारकों की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी प्रशासनिक ढील की घोषणा की। उन्होंने कहा, “मुझे पता चला कि हमारी माताओं-बहनों के फिंगरप्रिंट उम्र के कारण मैच नहीं कर रहे थे, जिससे उन्हें पेंशन मिलने में दिक्कत आ रही थी। अब हमने फिंगरप्रिंट की शर्त हटा दी है, अब केवल फोटो के जरिए सत्यापन किया जाएगा।”
अकाली दल और कांग्रेस पर व्यक्तिगत तंज
सुखबीर बादल के बिना गनमैन के घूमने पर चुटकी लेते हुए सीएम मान ने कहा, “बिना सुरक्षा के तुम्हें पहचानता ही कौन है? पहचान तो गनमैनों से होती थी।” उन्होंने आगे कहा कि अकाली दल ने युवाओं के हिस्से की पढ़ाई और बुजुर्गों की दवाई खाकर खुद को ‘खानदानी’ बना लिया, जबकि जनता को ‘मलंग’ छोड़ दिया। वहीं कांग्रेस की गुटबाजी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “वहां हर घंटे मुख्यमंत्री बदलते हैं। चन्नी की बाजवा से नहीं बनती, बाजवा की वडिंग से नहीं और सिद्धू का तो अलग ही घोड़ा है जो अपनी ही दिशा में भागता रहता है। उनकी लड़ाई केवल कुर्सी की है, जबकि हमारी चर्चा स्कूल, अस्पताल और रोजगार पर होती है।”
