बठिंडा। बठिंडा में सदर पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों के तबादले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भगवंत सिंह मान द्वारा सभी कर्मचारियों को बदलने के निर्देश के बाद कोर्ट शमीर गांव की पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर इस फैसले का विरोध किया है। पंचायत का कहना है कि पुलिसकर्मी अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं और उनका तबादला नहीं किया जाना चाहिए। दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, तभी गुलाबगढ़ गांव के सरपंच लखबीर सिंह लाखा ने उनसे मुलाकात कर शिकायत की कि गांव में नशे की खुलेआम सप्लाई हो रही है और कई मौतें भी हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सदर पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारियों को बदलने के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों का तबादला मानसा कर दिया गया। इधर, कोर्ट शमीर पंचायत ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए प्रस्ताव पारित किया है।
पंचायत सदस्यों का कहना है कि उनका पुलिस स्टेशन कोर्ट शमीर में स्थित है और वहां का पूरा स्टाफ कानून के अनुसार अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहा है। पंचायत ने अपने प्रस्ताव में कहा कि चौकी स्टाफ पर कार्रवाई न करने का आरोप पूरी तरह गलत है। पंचायत ने यह भी आग्रह किया कि पुलिसकर्मियों का तबादला न किया जाए और यदि किसी प्रकार की शिकायत है तो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
