9.5 C
London
Wednesday, March 11, 2026
Homeराज्यबेंगलुरु में भारी बारिश के बाद जलभराव का इंजीनियर ने ऐसे उड़ाया...

बेंगलुरु में भारी बारिश के बाद जलभराव का इंजीनियर ने ऐसे उड़ाया मजाक, वीडियो पोस्ट कर कही ये बात

Published on

बेंगलुरु

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु को भारत की सिलिकॉन वैली भी कहते हैं। हालांकि यहां भारी बारिश के कारण मंगलवार को कई इलाके पानी में डूब गए। इससे ट्रैफिक जाम हुआ और ऑफिस जाने वाले लोग फंस गए। इसके साथ ही शहर के पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी फिर से उजागर हो गई। बारिश औसतन 42.7मिलीमीटर हुई। आरआर नगर जोन में 150मिमी बारिश हुई, लेकिन वहां जलभराव कम हुआ। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नालों की सफाई और कचरा हटाने जैसे काम समय पर किए थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेंगलुरु में बिना सोचे-समझे निर्माण करने से शहर बारिश में डूबने के खतरे में है।

वीडियो हुआ वायरल
बेंगलुरु में भारी बारिश ने शहर की पोल खोल दी। सड़कें नदियों में बदल गईं। ऑफिस जाने वाले लोग घुटनों तक पानी में चलने को मजबूर हो गए। लोगों को चेतावनी देने या मदद करने के लिए कोई सिस्टम नहीं था। अरुण विनायक नाम के एक व्यक्ति की कार पानी में डूबी हुई दिखाई दी। अरुण एक एनर्जी स्टार्टअप के को-फाउंडर हैं। उन्होंने अपनी पानी में डूबी कार की फोटो X (पहले ट्विटर) पर शेयर की। उन्होंने मजाक करते हुए लिखा कि भारत में काम करने के लिए आपके ऑफिस, घर और कार को IP67 सर्टिफाइड होना चाहिए। IP67 एक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड है जो बताता है कि कोई चीज पानी से कितनी सुरक्षित है।

https://x.com/Arun_Vinayak_S/status/1924469930524852489?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1924469930524852489%7Ctwgr%5E0bd7024b79aa44a6e3ee8d2a340b33da374a3c94%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fnavbharattimes.indiatimes.com%2Fstate%2Fkarnataka%2Fbengaluru%2Fbattery-ok-engineers-not-bengaluru-ceos-ip67-quip-over-flooded-car-video-goes-viral%2Farticleshow%2F121367595.cms

मजाक में क्या लिखा?
अरुण ने एक और मजाकिया बात लिखी – “#underwater #batteryok #engineersnotok”। इसका मतलब है कि पानी में, बैटरी ठीक है, लेकिन इंजीनियर ठीक नहीं हैं। उनकी यह बात शहर के लोगों को बहुत पसंद आई। हालांकि, शहर के ज्यादातर हिस्से पानी में डूबे हुए थे, लेकिन आरआर नगर जोन में बाढ़ कम आई। इस नगर में 10 सालों में सबसे ज़्यादा 150 मिमी बारिश हुई। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नालों की सफाई और कचरा हटाने जैसे काम समय पर किए थे। उन्होंने बाढ़ को रोकने के लिए एक अच्छी योजना भी बनाई थी।

क्यों बढ़ा बाढ़ आने का खतरा?
बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका के अधिकारी ने बताया कि वृषभावती घाटी इस क्षेत्र से होकर गुजरती है। इससे यहां बाढ़ आने का खतरा रहता है। लेकिन नियमित रखरखाव और 42 झीलों की एक सिस्टम ने उन्हें बाढ़ से बचाने में मदद की। इस घटना ने शहर की प्लानिंग को लेकर बहस छेड़ दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेंगलुरु में बिना सोचे-समझे निर्माण हो रहा है। लोग झीलों के पास और निचले इलाकों में घर बना रहे हैं। इस वजह से शहर थोड़ी सी बारिश में भी डूब जाता है।

Latest articles

मंडी विकास के लिए नई भूमि अर्जन नीति मंजूर, 22 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति

प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य...

हमीदिया अस्पताल में शुरू होगा ह्यूमन मिल्क बैंक, नवजातों को मिलेगा मां के दूध का विकल्प

भोपाल राजधानी भोपाल जल्द ही नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान...

देश में ऊर्जा संकट नहीं, घरों को मिलेगी 100% गैस: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

वैश्विक बाजारों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और...

एम्स भोपाल में थायराइड कैंसर और हाइपरथायरॉइडिज्म का अब शहर में ही सटीक इलाज

भोपाल राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  ने चिकित्सा सुविधाओं में एक और बड़ी उपलब्धि...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...