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वंदे भारत ट्रेन से टकराने वाली भैंसों के मालिकों पर FIR, टूटी थी लग्जरी ट्रेन की ‘नाक’

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नई दिल्ली,

मुंबई से अहमदाबाद आ रही हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन गुरुवार सुबह हादसे का शिकार हो गई. ये हादसा किसी ट्रेन का पटरी से उतरने से नहीं, बल्कि वटवा और मणिनगर स्टेशन के पास जानवरों के झुंड से टकराने से हुआ था. इस हादसे में ट्रेन के फ्रंट का हिस्सा टूट गया और 4 भैंसों की मौत हो गई. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने भैंसों के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

वटवा रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने कहा कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 147 के तहत एफआईआर दर्ज की गई, जो रेलवे के किसी भी हिस्से में अनधिकृत प्रवेश और उसकी संपत्ति के दुरुपयोग से संबंधित है. उन्होंने बताया कि चार भैंसों के मारे जाने की घटना के मामले में गुरुवार शाम को एफआईआर दर्ज की गई थी. हालांकि अबतक रेलवे पुलिस भैंसों के मालिकों की पहचान नहीं कर पाई है.

20 मिनट तक रोकनी पड़ी थी ट्रेन
अहमदाबाद रेलवे PRO ने बताया कि सुबह 11:15 बजे के करीब ये हादसा हुआ. हादसे के बाद ट्रेन को 20 मिनट रोकना पड़ा. उसके बाद ट्रेन को ठीक करके रवाना कर दिया गया. इस वंदे भारत ट्रेन को 30 सितंबर को हरी झंडी दिखाई गई थी. यह ट्रेन 180 से 200 किमी/ प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ सकती है.

रेलवे के CPRO ने दी जानकारी
रेलवे सीपीआरओ सुमित ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने मवेशियों को ट्रैक के पास न छोड़ें. उन्होंने आगे बताया कि पश्चिम रेलवे गांधीनगर-अहमदाबाद खंड पर ट्रेन की गति बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बाड़ लगाने का काम करेगा.

भारत की तीसरी वंदे भारत ट्रेन
यह देश में तीसरी वंदे भारत ट्रेन है. इससे पहले नई दिल्ली और वाराणसी तथा नई दिल्ली और माता वैष्णो देवी कटरा के बीच वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं. यह ट्रेन गांधीनगर से अहमदाबाद होते हुए मुंबई तक जाती है फिर वापस इसी रूट से होकर गांधीनगर वापस आती है.

400 और वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की तैयारी
रेलवे बोर्ड देशभर में 400 सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रहा है. बता दें कि वंदे भारत ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. इनमें जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वैक्यूम आधारित बायो टॉयलेट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर और हर कोच में चार आपातकालीन पुश बटन हैं.

पीएम ने 30 सितंबर को दिखाई थी हरी झंडी
बता दें कि नई वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 सितंबर को हरी झंडी दिखाई थी. उन्होंने गांधीनगर से लेकर अहमदाबाद तक इसमें यात्रा भी की थी. इस ट्रेन के हर कोच में बैक्टीरिया फ्री एयर कंडीशनिंग रहेगी. आपातकालीन स्थिति के लिए हर कोच में चार लाइट लगी हैं. वहीं, लोकोपायलट और यात्रियों के बीच कम्यूनिकेशन के लिए भी सुविधा है.

सरकार का ये है प्लान
केंद्र सरकार ने मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के करीब 1600 डिब्बों का निर्माण करने का फैसला लिया है. इनमें से प्रत्येक डिब्बे पर आठ करोड़ से नौ करोड़ रुपये की लागत आएगी. इसको लेकर फैक्ट्री में आवश्यक बदलाव होने शुरू हो गए हैं.

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