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Wednesday, February 11, 2026
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अगर राहुल गांधी पीएम होते तो PoK भारत का होता, PM मोदी पर तेलंगाना सीएम के बयान भड़की BJP

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हैदरबाद/जम्मू:

बीजेपी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए की गई पीओके की टिप्पणी को हस्यापद करार दिया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने तेलंगाना सीएम पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते, तो पीओके अस्तित्व में होता। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की थी और कहा था कि देश को राहुल गांधी के नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि कहा था कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते तो भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को वापस ले लेता। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा सैन्य हमले के बाद पाकिस्तान के साथ जल्दबाजी में किए गए युद्धविराम की आलोचना की थी।

1000 के नोट से की थी तुलना
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा था कि मोदी बंद हो चुके 1,000 रुपये के नोट की तरह हैं। अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते तो हम अब तक पीओके को वापस ले लेते। वे हैदराबाद में जय हिंद रैली में बोल रहे थे, जिसका आयोजन ऑपरेशन सिंदूर में सशस्त्र बलों की भूमिका के सम्मान में किया गया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व 1971 के युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी के नेतृत्व जैसा होता। रेवंत ने कहा था कि इंदिरा गांधी के पोते राहुल गांधी को इस देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिए। अगर वह प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह एक तरफ पाकिस्तान और दूसरी तरफ चीन को हराएंगे और हमारे स्वाभिमान को बनाए रखेंगे। आज भारत को इसी तरह के नेतृत्व की जरूरत है। इससे पहले रेवंत रेड्‌डी ने पूछा था कि भारत के कितने विमान गिरे। बीजेपी ने रेवंत रेड्‌डी के बयान की कड़ी आलोचना की थी।

जितेंद्र सिंह ने दिया जवाब
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू में कहा कि यह हास्यास्पद है अगर कोई कांग्रेस नेता कहता है कि अगर राहुल गांधी भारत के प्रधानमंत्री होते, तो पीओके भारत का हिस्सा होता। लेकिन सच यह है कि अगर राहुल गांधी के परनाना पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते, तो आज पीओजेके नहीं होता। यह उनके कार्यों का परिणाम है कि पहले देश का बंटवारा हुआ और फिर जम्मू-कश्मीर का बंटवारा हुआ। सिंह ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जब भारत-पाकिस्तान युद्ध चल रहा था और हमारी सेनाएं पीओके को वापस जीतने की स्थिति में थीं, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बिना किसी से सलाह किए आकाशवाणी पर एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद गुजरात दौरे में कहा था कि अगर देश के विभाजन के वक्त सरदार पटेल की सुनी गई होती तो आज पीओके की समस्या नहीं होती।

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