पटना
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को भागलपुर के दौरे पर थे, जहां उनकी सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। चुनावी साल के चलते प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर कोई चूक नहीं चाहता। उन्हें Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, इसके बावजूद हर स्तर पर कड़े प्रोटोकॉल अपनाए गए। कार्यक्रम स्थल पर बिना इजाजत किसी को भी मुख्यमंत्री से मिलने या फूल-माला पहनाने की अनुमति नहीं थी। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या नीतीश कुमार को कोई खतरा है?
Z प्लस सुरक्षा के बावजूद कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री को Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जिसमें 200 ट्रेन्ड कमांडो हर समय तैनात रहते हैं। इसके अलावा, बिहार विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2000 के तहत भी उन्हें विशेष सुरक्षा प्राप्त है। स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) नामक दस्ते में पुलिस, ITBP, CRPF, NSG और SPG के प्रशिक्षित कमांडो शामिल हैं। ये हर स्थिति से निपटने में सक्षम होते हैं। 36 कमांडो का एक दस्ता हर समय मुख्यमंत्री के साथ साए की तरह मौजूद रहता है।
प्रशासन की सख्ती और जनता की सुरक्षा का संदेश
भागलपुर में मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। कार्यक्रम में किसी को भी झोला या छाता लेकर मंच पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि किसी भी फूल-माला की एंटी सबोटाज जांच आवश्यक होगी, ताकि उसमें विस्फोटक पदार्थ न हो।
राजनीतिक परिदृश्य में सुरक्षा की अहमियत
बिहार में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और मुख्यमंत्री लगातार जनता के बीच सक्रिय हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। हाल ही में पटना के बीएन कॉलेज में हुई बमबाजी की घटना के बाद सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है।
