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जयसुख पटेल बिजनेसमैन हैं… उनके फरार होने की संभावना नहीं है, सरकार की इस दलील के बाद हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत

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अहमदाबाद:

गुजरात हाई कोर्ट ने मोरबी ब्रिज हादसा मामले में जेल में बंद ओरेवा ग्रुप के एमडी जयसुख पटेल की जमानत अर्जी खारिज की दी है। हाई कोर्ट ने पटेल की अर्जी तब खारिज की जब सरकार की तरफ से कोई आपत्ति नहीं व्यक्त की गई। पिछले दिनों राज्य सरकार ने जयसुख पटेल की जमानत पर खुद से फैसला करने को कहा था। सरकार ने फैसला कोर्ट के विवेक पर छोड़ दिया था। हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद फिलहाल जयसुख पटेल को जेल में रहना होगा। पिछले साल गुजरात विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मोरबी में एक पुल ढहने से 135 लोगों की मौत हो गई थी। जयसुख पटेल ने 30 अक्टूबर की घटना के बाद 30 जनवरी, 2023 को कोर्ट में सरेंडर किया था।

सरकार ने कोर्ट पर छोड़ा था फैसला
पिछले हफ्ते राज्य सरकार ने अदालत से कहा था कि उसे जयसुख पटेल को जमानत दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, हालांकि इस हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवार राज्य सरकार के इस रवैये से नाराज हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल को पत्र लिखकर इस मामले में सरकारी वकील मितेश अमीन को हटाने की मांग की है। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि जयसुख पटेल एक व्यवसायी हैं और उनके फरार होने की संभावना नहीं है। इसके अलावा उनके जेल में रहने से उनके बिजनेस पर भी असर पड़ रहा है, चूंकि इस मामले में गवाहों की संख्या बहुत बड़ी है और सभी से जिरह में काफी समय लगेगा, इसलिए अब जयसुख पटेल को जमानत मिल भी जाए तो कोई बात नहीं, उस वक्त कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट ने इसके बाद अपने फैसले में जयसुख पटेल को जमानत देने से इनकार कर दिया।

दूसरी बार खारिज हुई अर्जी
दिवाली के दौरान जयसुख पटेल को जमानत दिलाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद आज भी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई, जिसमें पटेल को झटका लगा। हाई कोर्ट ने जयसुख पटेल को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि एफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक पुल कई कारणों से कमजोर हो गया था। निचली अदालत में आरोप अभी दायर नहीं किए गए हैं और कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। इस मामले में अब तक तीन सुरक्षा गार्ड, दो टिकटिंग क्लर्क और ओरेवा ग्रुप के मैनेजर को जमानत मिल चुकी है। कुल 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। सरकार के आपत्ति नहीं करने के बाद पिछले दिनों गुजरात में पाटीदार समाज के बड़े नेता नरेश पटेल ने भी इच्छा व्यक्त की थी कि जयसुख पटेल को जमानत मिलने पर वह मां खोडियार को अभार व्यक्त करेंगे।

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