देहरादून
उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने की वजह से मकानों और सड़कों में आई दरारों की चर्चा पूरे देश में है। शनिवार को हालात का जायज लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ पहुंचे। उन्होंने यहां कई जगहों का दौरा किया। उनके दौरे के बाद उत्तराखंड सीएमओ की तरफ से हर प्रभावित परिवार को अगले 6 महीने तक 4000 रुपये महीने की मदद देने का ऐलान किया गया। यह आर्थिक मदद लोगों को हाउस रेंट के लिए दी जाएगी।
जोशीमठ के हालात का जायजा लेने पहुंचे सीएम धामी ने कहा, “पानी के रिसाव से काफी घरों में दरारें आई हैं, हमारा प्रयास यही है कि सभी को सुरक्षित किया जाए, लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। जरूरी चीज़े भी की जा रही हैं।”
ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जोशीमठ के लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है। हरिद्वार में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, “चिंता की बात यह है कि जोशीमठ इस समय खतरे में है। एक साल हो गया है जब अलग-अलग जगहों से संकेत मिलने लगे थे कि यहां जमीन धंस हो रही है। लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “अब पिछले एक सप्ताह में जिस तरह से धंसाव ने रफ्तार पकड़ी है, उसने हमारे सामने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। जिसके चलते अब तक 500 से ज्यादा घर प्रभावित हुए हैं। मैं कल जोशीमठ जाऊंगा ताकि वहां प्रभावित लोगों से मिल सकूं।”
600 परिवारों को किया गया स्थानांतरित
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ के घरों में रहने वाले लगभग 600 परिवारों को तत्काल खाली करने का आदेश दिया है, जिनमें बड़ी दरारें हैं। एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि भूमि धंसने के मामले पिछले एक साल से सामने आ रहे हैं लेकिन पिछले पखवाड़े में समस्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को जोशीमठ में धंसते घरों में रहने वाले लगभग 600 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है।
जोशीमठ में Construction Work पर रोक
वहीं, जल शक्ति मंत्रालय ने शुक्रवार को जोशीमठ के क्षेत्र में भू-धंसाव, इसके प्रभाव और घटना की स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक समिति का गठन किया। चमोली के डीएम हिमांशु खुराना का कहना है, “उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी आज जोशीमठ आने वाले हैं। वह यहां बनाए गए राहत शिविरों का भी दौरा करेंगे। जोशीमठ में अगले आदेश तक सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।”
