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Tuesday, March 24, 2026
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लरामपुर में 7 साल में सबसे बड़ी बाढ़, राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, डूबे कई गांव

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बलरामपुर

उत्तर प्रदेश का बलरामपुर जिला बाढ़ की भीषण समस्या से जूझ रहा है। पिछले 7 साल में आई यह सबसे बड़ी बाढ़ बताई जा रही है। पिछले कई दिनों से हुई बारिश के कारण नेपाल के पहाड़ी और तराई के इलाकों में भीषण बाढ़ की समस्या बनी हुई है। राप्ती नदी और उसके सहयोगी नाले लगातार अपने उच्चतम जल स्तर को पार कर रहे हैं। राप्ती का जलस्तर 2017 के बाद सबसे अधिकतम स्तर पर है।

राप्ती इस वक्त अपने खतरे के निशान से लगभग 100 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। ग्रामीण इलाकों में लोग पलायन करने को मजबूर हैं। घरों में व अन्य जगहों पर पानी भर गया है। जिस कारण से उन्हें तमाम तरह की समस्याएं हो रही हैं। बलरामपुर जिले का बलरामपुर सदर, हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, उतरौला, गैसड़ी, श्रीदत्तगंज ब्लॉक बाढ़ की भीषण समस्या से ग्रस्त नजर आ रहा है।

सबसे ज्यादा परेशानी महाराजगंज तराई, हरैया सतघरवा, ललिया, तुलसीपुर में दिख रही है तो वहीं, गैसड़ी व पचपेड़वा थाना क्षेत्र के आंशिक इलाको में बाढ़ की समस्या है। उतरौला, हर्रैया, ललिया बलरामपुर देहात व बलरामपुर नगर थाना क्षेत्रों के इलाकों में भीषण तबाही देखने को मिल रही है। गांव में जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई मदद नहीं पहुंचाई जा सकी है।

जगह-जगह जलभराव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन अन्य तरह के सुविधाओं को पहुंचाने में जिला प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी डॉ महेंद्र कुमार का दावा है कि उन्होंने जिले की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा हुआ है और तकरीबन 100 स्थलों पर नाव के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है।

पीएसी, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। अतिरिक्त बलों की मांग भी की गई है। इसके साथ ही पुलिस बल भी गांव खेड़ा में तैनात की गई है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा हमें अब तक किसी तरह की कोई मदद मुहैया नहीं करवाई गई है। हम लोग लगातार मदद की बांट जोह रहे हैं। पिछले 3 दिनों से जलभराव और भीषण बाढ़ की स्थिति में हम लोग अपनी छतों पर रहने के लिए मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में तो लोगों के घरों में पिछले चार-पांच दिनों से खाना भी नहीं बन सका है। राशन सब्जी इत्यादि की भी भीषण किल्लत पड़ी हुई है। बच्चों को दूध तक मुहैया नहीं हो पा रहा है। वही, बलरामपुर जिले के तमाम तहसील व अन्य जिला मार्ग पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं। गौरा चौराहा थाना इलाके के पास दत्तरंगवा डिप पर, बलरामपुर के नेशनल हाईवे 730 पर कालीथान गांव के पास व बिजलीपुर गांव के पास भीषण तबाही व सड़क पर तेज बहाव देखने को मिल रहा है।

इसके साथ ही ललिया बलरामपुर मार्ग भी पूरी तरह से बंद हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों की भी हालत खराब नजर आ रही है। माइक्रो मार्ग बुरी तरह से प्रभावित हैं और जल मग्न नजर आ रहे हैं। बाढ़ के कारण जिले के तकरीबन 300 गांव और 1000 मज़रों प्रभावित नजर आ रहे हैं। यही स्थिति यदि बनी रही तो बांध का पानी आने वाले कई दिनों तक नहीं टल सकेगा। वहीं, नेपाल के गिरगिटही बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिस कारण से श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बहराइचजिलों में भी बाढ़ की समस्या देखी जा रही है।

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