संभल
उत्तर प्रदेश के संभल में बीते 24 नंवबर को जामा मस्जिद या हरिहर मंदिर के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद संभल प्रशासन ने सख्ती बरती और बिजली चोरी, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अलग-अलग अभियान चलाए। इन्हीं अभियानों के दौरान पुलिस प्रशासन को खबर मिली कि संभल के मोहल्ला खग्गू सराय स्थित भगवान संलेशवर के मंदिर में पिछले 46 सालों से कपाट बंद है। इसे खुलवाने के बाद आज महाआरती का आयोजन किया गया।
बता दें संभल प्रशासन हरकत में आया और बड़े अफसरों के दिशा-निर्देशों पर मंदिर पर लगे ताले को खुलवाया गया। इसके बाद मंदिर में स्थापित भगवान शिव, हनुमान और नंदी महाराज की मूर्तियों की साफ-सफाई कराई। मंदिर के आसपास अवैध कब्जे को मुक्त कराया गया। इसके बाद विधिवत पूजा-पाठ शुरू हो गई। देखते ही देखते यह संभल का मंदिर देश दुनिया में चर्चित हो गया है।
शिवलिंग का श्रंगार हुआ
संभल के इस मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा है। मंगलवार सुबह से ही पूजा अर्चना और हनुमान जी की मूर्ति पर चोला चढ़ाया गया। भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का श्रंगार किया गया। सुबह की आरती संपन्न हुई और भक्तों ने शिव और हनुमान जी की जय जयकार की।
46 साल बाद मंदिर में हुई महाआरती
मंगलवार शाम 46 सालों बाद इस मंदिर में महाआरती का भव्य आयोजन हुआ। इस दौरान भक्तों में भगवान भोलेनाथ और हनुमान जी में अटूट विश्वास नजर आया। चामुंडा मंदिर के महंत ने महाआरती का भव्य आयोजन विधिवत रूप से कराया। श्री चामुंडा सिद्धपीठ मंदिर के महंत मुरली महाराज ने बताया कि 46 वर्षों के बाद महाआरती का आयोजन किया गया है। पहले यहां पर हिंदू रहा करते थे। किसी कारण वो यहां से पलायन कर गए। अब हमारी सरकार और प्रशासन द्वारा इस मंदिर पुनर्निर्माण कराया गया। इसी के चलते महाआरती की गई अब भक्तों को प्रसाद वितरण का कार्यक्रम किया जाएगा।
