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Monday, May 18, 2026
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बिना कैबिनेट विस्तार ही बदल गया मंत्री का विभाग? सीएम के पास थी जो जिम्मेदारी, इस नेता के कंधे पर आई, एक पोस्ट से खुली पोल

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रायपुर

छत्तीसगढ़ का शिक्षा मंत्री कौन है? इस सवाल पर राज्य की सियासत तेज हो गई है। दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार के वन मंत्री केदार कश्यप की एक फोटो वायरल होने के बाद यह मामला उठा है। हाल ही में नई दिल्ली में राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक थी। इस बैठक में मंत्री केदार कश्यप भी शामिल थे। केदार कश्यप के सामने जो नेम प्लेट लगा था। उसके लिखा था छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री। इसी को लेकर कांग्रेस ने सवाल किया है। वहीं, कांग्रेस के बयान पर केदार कश्यप ने पलटवार किया है।

केदार कश्यप ने शेयर की थी फोटो
केदार कश्यप 2 मई दो नई दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल होने गए थे। इस दौरान उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा- “आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की 59वीं जनरल काउंसिल की बैठक में सम्मिलित हुआ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।”

भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
केदार कश्यप की फोटो को देखने के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किए। भूपेश बघेल ने फोटो पर कमेंट करते हुए सवाल किया कि ये कब और कैसे हुआ। इसके बाद से ही शिक्षा मंत्री कौन है इसको लेकर सियासत तेज हो गई।

केदार कश्यप ने किया पलटवार
रविवार को बालोद दौरे पर पहुंचे केदार कश्यप ने इस मामले में सफाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के भारसाधक मंत्री हैं। उनकी व्यस्तता के कारण उनके प्रतिनिधि के तौर पर मैं इस बैठक में शामिल हुआ था। मैंने प्रदेश की तरफ से इस बैठक में अपनी बात रखी है। कांग्रेस के पास कोई काम नहीं है इसलिए वह फालतू की बात करते हैं। सरकार का हर मंत्री हर विभाग के बारे में अपनी बात रख सकता है।

सीएम के पास था विभाग
दरअसल, लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री ब्रजमोहन अग्रवाल को रायपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया था। ब्रजमोहन अग्रवाल की जीत के बाद उन्होंने कैबिनेट और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ब्रजमोहन अग्रवाल के पास स्कूल शिक्षा विभाग था। इसके बाद यह विभाग सीएम विष्णुदेव साय के पास था। सीएम साय ने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी खुद ली थी और कई बार विभागीय बैठक भी कर चुके हैं।

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