चेन्नई,
तमिल एक्टर और नेता विजय ने NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग की. उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET परीक्षा राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन करती है. साथ ही ग्रामीण और वंचित बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव करती है.एक्टर विजय ने सवाल किया कि तमिलनाडु में ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि के छात्र NEET से बुरी तरह प्रभावित हैं, वे राज्य की भाषा और पाठ्यक्रम में पढ़ते हैं, लेकिन उन्हें NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जाता है। यह कैसे उचित है?
विजय ने कक्षा 10 और 12 के टॉपर्स को सम्मानित करने के लिए एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने शिक्षा और परीक्षाओं के केंद्रीकरण की भी आलोचना की. एक्टर ने कहा कि मेरा मानना है कि वन नेशन वन सिलेबस और वन एग्जाम की नीति शिक्षा के सार के विपरीत है. उन्होंने कहा कि सिलेबस को हर राज्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए. विविधता हमारी ताकत है, कमजोरी नहीं.
