जयपुर
राजस्थान के डूंगरपुर में गर्ल्स हॉस्टल में ठहरने के मामले में सहायक निदेशक मोहम्मद अशफाक खान पर गाज गिरी है। उन्हें इस मामले में दोषी मानते हुए समाज कल्याण विभाग ने APO कर जयपुर मुख्यालय कर दिया है। सहायक निदेशक नियमों के विपरीत बीते दिनों तीन दिनों तक गर्ल्स हॉस्टल में ठहर रहे थे। इस मामले में एबीवीपी कार्यकर्ता ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद डूंगरपुर कलेक्टर के आदेश पर सहायक निदेशक को आधी रात को हॉस्टल खाली करना पड़ा।
तीन दिनों तक गर्ल्स हॉस्टल में ठहरा अफसर
डूंगरपुर में ट्रांसफर होने के बाद बीते दिनों सहायक निदेशक मोहम्मद अशफाक गर्ल्स हॉस्टल में तीन दिनों से ठहरा रहा था। उसे हॉस्टल की गार्डन ने गर्ल्स हॉस्टल में ठहरने के लिए मना किया था, लेकिन अधिकारी ने उस पर दबाव डाला कि ‘मैं केवल आज रात ठहरूंगा और उसके बाद कहीं और रूम लेकर रहूंगा।’ इसके बावजूद भी वह गर्ल्स हॉस्टल में ही ठहर रहा था। इसकी जानकारी एबीवीपी के एक कार्यकर्ता को लगी, जिसने हॉस्टल में पहुंचकर इस पर आपत्ति जताई।
कलेक्टर ने आधी रात में अफसर को हॉस्टल से बाहर निकाला
सहायक निदेशक अशफाक मोहम्मद वसुंधरा विहार स्थित समाज कल्याण विभाग के सावित्रीबाई फूले गर्ल्स हॉस्टल में ठहरा हुआ था, जहां 40 एसटी छात्राएं रह रही थी। एबीवीपी के कार्यकर्ता की आपत्ति पर आधी रात को ही डूंगरपुर कलेक्टर ने सहायक निदेशक को फोन पर लताड़ लगाई और उसे आधी रात में ही हॉस्टल को खाली करने का आदेश दिया। इधर, इस मामले में एबीपी की राष्ट्रीय सदस्य हर्षित निनोमा ने गर्ल्स हॉस्टल में महिला पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की है।
