चंडीगढ़। पंजाब में जनगणना-2027 की तैयारियों के सिलसिले में 30 अप्रैल से स्व-जनगणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री भगवंत मान संगरूर से करेंगे। 14 मई तक चलने वाले इस अभियान के तहत नागरिक एक विशेष वेब पोर्टल पर जाकर 16 भाषाओं में अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके बाद 15 मई से 13 जून तक जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें करीब 67 हजार एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर घर-घर जाकर डेटा की पुष्टि करेंगे और मकानों व सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछेंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के नाम पर किसी से भी आमदनी, बैंक डिटेल, ओटीपी या आधार-पैन जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। इस बार की गणना में कुछ विशेष मानक भी तय किए गए हैं, जिसमें काफी समय से लिव-इन में रह रहे जोड़ों को ‘विवाहित’ श्रेणी में गिना जाएगा, वहीं मोबाइल में एफएम होने पर उसे ‘रेडियो’ की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह 6 से रात 12 बजे के बीच ही पोर्टल का उपयोग करें और अपनी लोकेशन व अन्य विवरण बिल्कुल सटीक भरें। स्व-जनगणना की यह प्रक्रिया पूरी तरह वैकल्पिक है और जो लोग ऑनलाइन जानकारी नहीं देंगे, उनसे कर्मचारी घर जाकर पहले की तरह विवरण जुटाएंगे।
किसी भी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है। गौरतलब है कि राज्य में नशे के विरुद्ध पुनर्वास नीतियां बनाने के लिए ‘ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना’ भी पहले से ही संचालित की जा रही है।
