चंडीगढ़। पंजाब में आज से गेहूं की सरकारी खरीद का आगाज हो गया है, लेकिन मंडियों में रौनक की जगह सन्नाटा पसरा है। प्रदेश के लगभग 45,000 आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। आढ़तियों की मुख्य नाराजगी केंद्र सरकार द्वारा उनके कमीशन को ‘ढाई प्रतिशत’ पर फ्रीज करने और उसे नियमित (रेगुलर) न करने को लेकर है। इस गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ‘ब्लैकमेलिंग’ के दम पर हड़ताल बर्दाश्त नहीं की जाएगी, हालांकि सरकार बातचीत के लिए तैयार है।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विजय कालड़ा ने बताया कि साल 2020 तक आढ़तियों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 2.5% कमीशन मिलता था। वर्तमान में गेहूं का एमएसपी 2585 प्रति क्विंटल है, जिसके हिसाब से कमीशन लगभग ₹65 प्रति क्विंटल बनना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार ने इसे फिक्स्ड रेट पर सीमित कर दिया है। पहले यह ₹46 था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर ₹50.75 प्रति क्विंटल किया गया है। आढ़तियों का दावा है कि इस सीजन में उन्हें लगभग 170 से 192 करोड़ रुपए का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा।
