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Wednesday, May 6, 2026
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SIT करेगी मुकेश चंद्राकर हत्याकांड की जांच, उपमुख्यमंत्री ने कहा- ‘लाल आतंक को खत्म करने के लिए किया था काम’

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बस्तर

छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने सबको हिला कर रख दिया है। पुलिस ने कांग्रेस नेता और ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को मुख्य आरोपी मानते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी की तलाश में चार टीमें लगाई गई हैं। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस घटना को भयानक और दर्दनाक बताया है। उन्होंने न्याय का भरोसा दिलाया है।

बस्तर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की खबर से हर कोई सदमे में है। 4 जनवरी को हुई इस घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर को इस मामले में मुख्य आरोपी माना जा रहा है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार एक आरोपी की तलाश जारी है। इसके लिए चार टीमें बनाई गई हैं। मामले की जांच के लिए 11 सदस्यों की एक एसआईटी भी गठित की गई है। सुरेश चंद्राकर के कई बैंक खातों को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिनमें से तीन पहले ही सील हो चुके हैं।

SIT का गठन
उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को कहा कि बीजापुर जिले में पत्रकार की हत्या का आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर कांग्रेस नेता है तथा राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी मयंक गुर्जर की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। शर्मा ने कहा कि पुलिस अपनी जांच पूरी कर तीन से चार सप्ताह के भीतर अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करेगी और अदालत से मामले में शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध करेगी।

जाबांज रिपोर्टर थे मुकेश
उन्होंने कहा, “चंद्राकर के साथ जो हुआ, वो भयानक और दर्दनाक है।” वह मेरे बहुत ही करीबी रहे हैं। उन्होंने बस्तर में लाल आतंक और नक्सलिज्म के समापन के लिए बहुत काम किया है। शर्मा ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि मुकेश बस्तर से नक्सल गतिविधियों की खबरें लाते थे और उन पर गहन चर्चा करते थे। वे नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के तरीकों पर भी रिपोर्ट करते थे।

पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल
शर्मा ने मुकेश चंद्राकर को याद करते हुए कहा, ”मुकेश की रिपोर्टिंग की शैली में विशेष बात यह थी कि वे नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के तरीकों पर बेहतर तरीके से रिपोर्ट करते थे।” यह घटना पत्रकारों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। खासकर उन पत्रकारों के लिए जो संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम करते हैं। मुकेश चंद्राकर की हत्या से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। पुलिस जांच में इस मामले के पीछे की असली वजह और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार है। देखना होगा कि इस मामले में न्याय कब और कैसे मिलता है।

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