लखनऊ
जैसी संभावना जताई जा रही थी सोमवार को राजधानी लखनऊ वैसी ही नजर आई। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मॉनसून सत्र का आज पहला दिन है। विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने ऐलान किया था कि वह पैदल मार्च करते हुए विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचेंगे। अखिलेश के इस ऐलान के बाद से ही सपा दफ्तर से लेकर विधानसभवन तक बैरिकेडिंग के साथ भारी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी गई। सुबह अखिलेश सपा के 110 विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों के साथ पैदल मार्च पर निकले तो उन्हें विक्रमादित्य मार्ग पर ही रोक लिया गया। इसके बाद सपा सदस्य वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा विधायकों ने सड़क पर ही सदन की कार्यवाही शुरू कर दी। दिवंगत विधायक अरविन्द गिरी को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। उन्होंने काह कि आगे की रणनीति बैठकर बनायेंगे। उधर इस पूरे बवाल का असर लखनऊ के ट्रैफिक पर पड़ा, शहर के कई प्रमुख इलाके जाम से जूझते नजर आए।
वहीं विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने जा रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव और सपा विधायकों के पैदल मार्च, विरोध प्रदर्शन पर कहा कि समाजवादी पार्टी से ये उम्मीद करना कि वह किसी नियम को मानें, किसी शिष्टाचार को मानें ये कपोल कल्पना ही कही जा सकती है। सदन शुरू हो ही रहा है आप सभी देख लेंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानमंडल की कार्यवाही में भाग लेने आ रहे सभी माननीय सदस्यों का स्वागत करता हूं। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की जन आकांक्षा और अपेक्षा को सदन में रखकर सभी सदस्यों को अवसर प्राप्त होगा। उत्तर प्रदेश विधानमंडल सबसे बड़ा विधानमंडल है। स्वाभाविक रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों आदर्शों पर विश्वास करने वाले सभी नागरिकों को इसकी कार्यवाही का इंतजार रहता है। वे सभी कार्यक्रम बहुत गौर से देखते हैं।
सीएम ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी के लिए डबल इंजन की सरकार बिना भेदभाव के काम कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाएं पहुंचाने का काम कर रही है। विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए अराजकता का कोई स्थान नहीं, इस पर प्रतिबद्धता के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। कोरोना जैसी महामारी के दौरान पीएम मोदी की अगुवाई में प्रभावी नियंत्रण करते हुए आज सरकार 38 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोजेज उपलब्ध करा चुकी है। प्रिकॉशन डोज भी हम 4 करोड़ के करीब पहुंच रहे हैं। किसी भी आपदा से निपटने के लिए एसडीआरएफ का गठन किया है, इसके अलावा आपदा में कम से कम जन धन की हानि हो सरकार इस पर ध्यान दे रही है।
सीएम ने कहा कि बाढ़ और सूखा पर चर्चा का माध्यम सदन है। प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा करने के लिए हम तैयार हैं। ऐसा हमने सर्वदलीय बैठक में भी कहा है। विपक्ष के सवालों का पूरी मजबूती के साथ जवाब देने के लिए हम तैयार हैं। मुझे भरोसा है कि इस मॉनसून सत्र में उचित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सदन की कार्यवाही 22 सितंबर का दिन सभी महिला सदस्यों के लिए विशेष तौर पर रखा गया है।
अखिलेश पैदल मार्च पर योगी ने कहा कि किसी भी दल को व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कहीं कोई बुराई नहीं है। नियमानुसार अगर उन्होंने कोई परमीशन मांगी होगी, तो पुलिस उन्हें सही मार्ग देगी और परमीशन भी देगी। लेकिन ये जिम्मेदार संगठनों, दलों का नैतिक दायित्व बनता है कि अपने किसी भी आंदोलन, प्रदर्शन के लिए उन्हें परमीशन मांगनी चाहिए और बिना लोक व्यवस्था को भंग किए उस कार्यक्रम को निर्विघ्न संपन्न कराने का दायित्व प्रशासन का है। उन्होंने अगर परमीशन मांगी होगी तो प्रशासन उन्हें सुगम मार्ग जरूर उपलब्ध कराएगा। साथ ही योगी ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि समाजवादी पार्टी से ये उम्मीद करना कि वह किसी नियम को मानें, किसी शिष्टाचार को मानें ये कपोल कल्पना ही कही जा सकती है।
