15.7 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराज्यअनुसूचित जाति से हटाए जाएंगे धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासी! सीएम ने...

अनुसूचित जाति से हटाए जाएंगे धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासी! सीएम ने कहा- नहीं मिले कोई लाभ, जल्द लागू होगा सख्त कानून

Published on

रायपुर

छत्तीसगढ़ सरकार धर्मांतरण को मुद्दे को लेकर सख्त हो गई है। रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में आदिवासियों एवं अन्य लोगों के अवैध धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए एक नया सख्त कानून लाएगी। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि ऐसे आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी से हटाना भी जरूरी है जो लोग धर्म परिवर्तन करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे धर्म परिवर्तन को रोका जा सकेगा।

क्या कहा सीएम ने
मुख्यमंत्री ने कहा, ”भारत एक देश धर्मनिरपेक्ष देश है। एक व्यक्ति की आस्था और विश्वास के अनुसार उसके कोई भी धर्म अपनाए जाने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कुछ लोग शिक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का लालच देकर और उन्हें भ्रमित कर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं, विशेष रूप से गरीबों का। मैं समझता हूं कि यह गलत है और यह नहीं होना चाहिए। यदि धर्मांतरण करने वाले ऐसे आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर कर दिया जाए तो यह रुक जाएगा।”

कानून को और सख्त करने की जरूरत
राज्य में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ नया कानून बनाने संबंधी सवाल पर सीएम साय ने कहा, ”अवैध धर्मांतरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में कानून है। इसको और मजबूत करने की आवश्यकता है। हम अध्ययन कर रहे हैं कि अन्य प्रदेशों में किस तरह के कानून हैं। आने वाले समय में निश्चित रूप से हम कड़ा कानून बनाएंगे ताकि धर्मांतरण को रोका जा सके।” उन्होंने यह नहीं बताया कि विधानसभा में इस संबंध में नया विधेयक कब पेश किया जाएगा।

लाभ से वंचित किया जाना चाहिए
कई आदिवासी समुदायों द्वारा सूची से बाहर करने की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “संविधान में प्रावधान है कि यदि अनुसूचित जाति (एससी) के लोग अन्य धर्म में धर्म परिवर्तन करते हैं, तो उन्हें संबंधित श्रेणी के तहत दिए जाने वाले लाभों से वंचित कर दिया जाता है।” उन्होंने कहा, “लेकिन अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के मामले में ऐसा नहीं है। यदि कोई आदिवासी किसी अन्य धर्म को अपना लेता है, तो उसे एसटी समुदाय को दिए जाने वाले लाभ और यहां तक कि अल्पसंख्यकों को दिए जाने वाले लाभ भी मिलते रहते हैं।”

बस्तर और सरगुजा के आदिवासी सूची से बाहर किए जाने की मांग कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि जो भी आदिवासी ईसाई या अन्य धर्म में धर्मांतरित हुए हैं, उनसे उनका अनुसूचित जनजाति का दर्जा छीन लिया जाए।

आदिवासी समाज उठा रहा है मांग
साय ने कहा “आदिवासी समाज द्वारा लगातार मांग (सूची से बाहर करने की) उठाई जा रही है। बिहार से कांग्रेस के सांसद रहे कार्तिक उरांव जी ने संसद में कहा था कि धर्मांतरित आदिवासियों को एसटी श्रेणी के तहत मिलने वाले लाभ नहीं मिलने चाहिए। मेरी जानकारी के अनुसार, इस संबंध में आदिवासी समाज की ओर से 250 से अधिक सांसदों ने संसद में आवेदन प्रस्तुत किए थे। साय ने कहा कि आदिवासी समाज बैठकें आयोजित करके तथा हस्ताक्षर करके सूची से हटाने की मांग उठा रहा है।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...

अहमदाबाद में ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट आयोजित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया राजस्थान में निवेश का आमंत्रण

अहमदाबाद। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट में...