रिलायंस जियो के पास आज के वक्त में सबसे ज्यादा एक्टिव मोबाइल यूजर्स हैं। ट्राई की अक्टूबर 2024 की रिपोर्ट की मानें, तो रिलायंस जियो ने सबसे ज्यादा मंथली यूजर्स अपने साथ जोड़े हैं, लेकिन 4G और 5G के मामले में एयरटेल ने जियो को पीछे छोड़ दिया है। ट्राई की वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर डेटा रिपोर्ट की मानें, तो एटरटेल ने अक्टूबर माह में सबसे ज्यादा 2.08 लाख 4G और 5G यूजर्स को जोड़ा है, जबकि इसी दौरान 3.76 लाख 4G और 5G यूजर्स ने जियो का साथ छोड़ दिया है।
Vi का बुरा हाल
वोडाफोन-आइडिया ने अक्टूबर के दौरान 0.72 मिलियन एक्टिव यूजर्स को खो दिया है। Vi के यूजरबेस में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अगर 5G की बात करें, तो वोडाफोन-आइडिया के पास 5G नेटवर्क मौजूद नहीं है। हालांकि कंपनी 5G नेटवर्क रोलआउट करने जा रही है। ऐसा कंपनी की ओर से दावा किया गया है। वोडाफोन-आइडिया को 0.92 मिलियन 3G और 4G यूजर्स का नुकसान हुआ है।
Vi देश में लगा रहा 5G नेटवर्क
वोडाफोन की तरफ से देशभर में 5G नेटवर्क को रोलआउट किया जा रहा है। वही जियो और एयरटेल की तरफ से पहले ही 5G सर्विस को लॉन्च कर दिया गया है। ट्राई की अक्टूबर की रिपोर्ट की मानें, तो जियो का एक्टिव यूजरबेस बढ़कर 448.44 मिलियन हो गया है। वही एयरटेल का एक्टिव यूजरबेस 178.8 मिलियन है।
क्यों घटे जियो के 4G और 5G यूजर्स
एनालिस्ट की मानें, तो जियो के 4G और 5G यूजर्स बेस के घटने की वजह इनएक्टिव यूजर्स हो सकते हैं। दरअसल जियो ने इनएक्टिव 4G यूजर्स के मोबाइल नंबर को बंद करने का काम किया है, जिसकी वजह से जियो के 4G और 5G यूजर्स में गिरावट दर्ज की जा रही है। साथ ही जियो के यूजरबेस में कमी की वजह जुलाई में होने वाले टैरिफ हाइक को माना जा रहा है।
जियो की भारत में बादशाहत बरकरार
अगर ओवरऑल बात करें, तो अक्टूबर माह में भारत में मोबाइल यूजरबेस गिरकर 3.31 फीसद गिरकर 1.15 बिलियन रह गया है। इस दौरान जियो मार्केट लीडर बना हुआ है। इस दौरान 13.45 मिलियन यूजर ने मोबाइल नंबर पोर्टिबिलिटी की रिक्वेस्ट डाली है।
